हैदराबाद, 14 अप्रैल (भाषा) तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवाधर रेड्डी ने कहा कि राज्य पुलिस कार्यस्थलों पर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों के साथ सक्रिय रूप से काम करती है।
रेड्डी का यह बयान महाराष्ट्र के नासिक में एक सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी में कुछ महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के कथित मामले की पृष्ठभूमि में आया है।
मामले के बाद प्रमुख आईटी कंपनियों के प्रमुखों, खास तौर पर मानव संसाधन (एचआर) टीम के साथ तत्काल बैठक बुलाने के केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए रेड्डी ने कहा कि साइबराबाद सुरक्षा परिषद सोसाइटी(एससीएससी) जैसी पहल के जरिये तेलंगाना पुलिस कार्यस्थलों पर सुरक्षा और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए संस्थानों, मानव संसाधन टीम और समुदायों के साथ मिलकर काम करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कामकाजी महिलाओं के छात्रावासों और पीजी आवासों के सुरक्षा ऑडिट, मुफ्त बस सेवा तथा ‘शी टीम’ जैसे सक्रिय उपाय महिला पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए अहम कदम हैं।
रेड्डी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “माननीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार की ओर से उठाए गए मुद्दों का संज्ञान लिया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट किया जाता है कि तेलंगाना पुलिस हर नागरिक के लिए सुरक्षित, समावेशी और उत्पीड़न-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम सद्भाव, गरिमा और आपसी सम्मान के साथ सह-अस्तित्व में विश्वास करते हैं।”
उन्होंने लिखा, “हमारी प्रणालियां सुदृढ़, सक्रिय और निष्पक्ष हैं। इनमें एक पूर्णतः कार्यरत महिला सुरक्षा इकाई ‘शी टीम’ की अनूठी अवधारणा और ‘भरोसा केंद्र’ शामिल हैं, जहां हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है, उस पर तुरंत कार्रवाई की जाती है और किसी भी चिंता को नजरअंदाज नहीं किया जाता है।”
नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की आठ महिला कर्मचारियों ने पिछले हफ्ते पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका यौन उत्पीड़न किया और मानव संसाधन विभाग ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया।
महाराष्ट्र पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए इस हफ्ते की शुरुआत में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, मामले में अब तक टीसीएस के सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला शामिल है, जबकि एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है।
टीसीएस ने पिछले रविवार को कहा था कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति रखती है। उसने नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की थी।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश