वाराणसी में टेंट नगर का निर्माण पर्यावरण संबंधी मानदंडों का उल्लंघन करते हुए किया गया था: एनजीटी

वाराणसी में टेंट नगर का निर्माण पर्यावरण संबंधी मानदंडों का उल्लंघन करते हुए किया गया था: एनजीटी

  •  
  • Publish Date - January 8, 2026 / 09:11 PM IST,
    Updated On - January 8, 2026 / 09:11 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि वाराणसी में 2023 में गंगा नदी के डूब क्षेत्र पर टेंट नगर का निर्माण और संचालन पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन करते हुए किया गया था।

पर्यावरण निकाय एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कहा गया था कि टेंट नगर को आवश्यक मंजूरी के बिना स्थापित किया गया था और यह नदी को प्रदूषित कर रहा है तथा वनस्पतियों और जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचा रहा है।

एनजीटी के अध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने कहा, ‘हम पाते हैं कि प्रतिवादी 11 (एम/एस मेसर्स प्रवेग कम्युनिकेशंस इंडिया लिमिटेड) और 12 (एम/एस नीरान द टेंट सिटी) द्वारा स्थापित और संचालित टेंट नगर पर्यावरण मानदंडों और गंगा नदी (पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन) प्राधिकरण के आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन करती है।’

इसने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने जनवरी से मई 2023 तक हरित मानदंडों का उल्लंघन करते हुए टेंट नगर संचालित करने के लिए प्रतिवादियों को नवंबर 2023 में लगभग 17 लाख रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा देने कहा था।

अधिकरण ने यूपीपीसीबी और उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण विभाग को तीन महीने के भीतर शीघ्रता से जुर्माना वसूलने का निर्देश दिया।

इसने संबंधित राज्य अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ‘गंगा नदी या उसकी सहायक नदियों के किनारे इस तरह के किसी भी टेंट शहर को स्थापित करने की अनुमति न दी जाए।’

वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के अनुसार, टेंट नगर 15 जनवरी से 31 मई, 2023 तक संचालित हुआ। राज्य अधिकारियों ने अगले वर्ष टेंट शहर स्थापित न करने का निर्णय लिया क्योंकि वर्तमान मामला एनजीटी के समक्ष लंबित था।

भाषा नोमान पवनेश

पवनेश