एआई सम्मेलन भारत का नेतृत्व दिखाने का मौका था, पर देश का डेटा विदेशी ताकत को सौंप दिया गया: राहुल

Ads

एआई सम्मेलन भारत का नेतृत्व दिखाने का मौका था, पर देश का डेटा विदेशी ताकत को सौंप दिया गया: राहुल

  •  
  • Publish Date - February 11, 2026 / 09:42 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 09:42 PM IST

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि एआई शिखर सम्मेलन भारत के नेतृत्व को दिखाने का मौका होना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय भारतीय डेटा एक विदेशी ताकत को सौंप दिया गया।

उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का हवाला देते हुए यह आरोप फिर लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समर्पण कर दिया है।

भारत 16 से 20 फरवरी के बीच ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की मेजबानी करेगा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एआई क्रांति आ चुकी है, जो अपने साथ खतरे भी ला रही है और अवसर भी। हमारा आईटी और सेवा क्षेत्र, जो हमारी अर्थव्यवस्था का चमकता सितारा है, खतरे में है। अगर हमने आने वाले तूफान के लिए तैयारी नहीं की, तो हजारों सॉफ्टवेयर इंजीनियर और पेशेवर अपनी आजीविका खो देंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमारे पास अवसर भी हैं। डेटा वह पेट्रोल है जो एआई इंजन को चलाता है। जैसा कि मैंने संसद में कहा, भारत की सबसे बड़ी पूंजी हमारे प्रतिभाशाली लोग हैं।’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘कुछ ही दिनों में सरकार एक भव्य एआई शिखर सम्मेलन आयोजित कर रही है। यह भारत के लिए नेतृत्व दिखाने का मौका होना चाहिए था, यह बताने का कि 140 करोड़ लोगों वाला देश अपने डेटा का इस्तेमाल कर वैश्विक एआई भविष्य को अपनी शर्तों पर कैसे आकार दे सकता है।’’

राहुल गांधी ने दावा किया कि इसके बजाय, प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार समझौते में अमेरिका के आगे समर्पण कर दिया है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘डिजिटल व्यापार में बाधाएं हटाने के नाम पर, हमारे डेटा का अपने हित में उपयोग करने की हर कोशिश का विरोध किया जाएगा।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि यह शर्म की बात है कि प्रधानमंत्री पर दबाव के कारण भारत के सबसे कीमती संसाधन को एक विदेशी शक्ति के हाथ सौंप दिया गया है।

भाषा हक पवनेश शफीक

शफीक