जम्मू, चार अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई के कोर ग्रुप की शनिवार को यहां बैठक हुई और केंद्र शासित प्रदेश की राज्यसभा की चार सीट के लिए आगामी चुनाव समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देगा, जो सभी को स्वीकार्य होगी।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी ने कहा कि बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने की और इसमें केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रविंदर रैना और अन्य शामिल हुए।
निर्वाचन आयोग (ईसी) ने 25 सितंबर को घोषणा की थी कि केंद्र शासित प्रदेश की चार राज्यसभा सीट के लिए चुनाव 24 अक्टूबर को होंगे।
सेठी ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोर ग्रुप की बैठक हुई और इसमें मौजूदा राजनीतिक स्थिति तथा जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा की चार सीट के लिए आगामी चुनाव समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।’’
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा बैठक में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वह जम्मू में मौजूद नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘‘कोर ग्रुप के सदस्यों ने संभावित उम्मीदवारों के बारे में अपने विचार रखे। चर्चा के नतीजों को संबंधित समिति के माध्यम से पार्टी आलाकमान को भेजा जायेगा और तदनुसार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया जायेगा। पार्टी आलाकमान का अंतिम निर्णय सभी को स्वीकार्य होगा।’’
सेठी ने कहा कि यह इस मुद्दे पर प्रारंभिक बैठक थी और इस विषय पर किसी क्षेत्रीय पार्टी के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी सभी चार सीट पर चुनाव लड़ने का इरादा रखती है।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है। मतों की गिनती मतदान समाप्त होने के एक घंटे बाद 24 अक्टूबर की शाम को की जाएगी।
केंद्र शासित प्रदेश में चार राज्यसभा सीट के लिए मतदान विधानसभा चुनाव के लगभग एक साल बाद हो रहा है।
ये सीट फरवरी 2021 में रिक्त हो गई थीं, जब तत्कालीन सांसदों मीर मोहम्मद फैयाज, शमशेर सिंह, गुलाम नबी आजाद और नजीर अहमद लावे का कार्यकाल समाप्त हो गया था।
उस समय क्योंकि जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू था और वहां विधानसभा नहीं थी, इसलिए चार सीट के लिए चुनाव नहीं हो सके थे।
भाषा
देवेंद्र प्रशांत
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