न्यायालय मुख्यमंत्री हिमंत के खिलाफ नफरत भरे भाषण से जुड़ी एक अन्य याचिका सूचीबद्ध करने पर सहमत

न्यायालय मुख्यमंत्री हिमंत के खिलाफ नफरत भरे भाषण से जुड़ी एक अन्य याचिका सूचीबद्ध करने पर सहमत

न्यायालय मुख्यमंत्री हिमंत के खिलाफ नफरत भरे भाषण से जुड़ी एक अन्य याचिका सूचीबद्ध करने पर सहमत
Modified Date: February 11, 2026 / 04:26 pm IST
Published Date: February 11, 2026 4:26 pm IST

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को चार लोगों द्वारा दायर एक और याचिका पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ राज्य में मुसलमानों को निशाना बनाने वाले कथित नफरत भरे भाषणों के मामले में निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और सीपीआई नेता एनी राजा की एक अलग याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी।

इसमें एक वायरल वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई किये जाने का अनुरोध किया गया है। वीडियो में हिमंत को कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय के सदस्यों पर राइफल से निशाना साधते और गोली चलाते हुए दिखाया गया था।

बुधवार को पीठ से आग्रह किया गया कि इस नई याचिका को वामपंथी नेताओं द्वारा दायर याचिका के साथ ही सूचीबद्ध किया जाए। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘हम देखेंगे।’’

यह नयी याचिका पूर्व प्रोफेसर हिरेन गोहेन, असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरेकृष्ण डेका, वरिष्ठ पत्रकार परेश चंद्र मलाकर और वरिष्ठ अधिवक्ता शांतनु बोरठाकुर ने दायर की है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ने असम में बंगाली मूल के मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव, सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार और हिंसा भड़काने वाले बयान बार-बार दिए हैं।

याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर असम में बंगाली मूल के मुसलमानों के खिलाफ ‘मियां’ और ‘बांग्लादेशी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश


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