चेन्नई, नौ सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने बुधवार को घोषणा की कि वह मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा विधानसभा में पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एम. करुणानिधि पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाली ‘अपमानजनक टिप्पणियों’ के विरोध में 12 सितंबर को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करेगी।
द्रमुक ने एक बयान में कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय का भाषण बेहद निंदनीय है, क्योंकि इसमें पांच बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत करुणानिधि, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन और पार्टी अध्यक्ष स्टालिन के त्याग का अनादर किया गया है।
बयान में कहा गया कि स्टालिन ने 1975-77 के आपातकाल के दौरान इस्तेमाल किए गए एक कड़े कानून मीसा (आंतरिक सुरक्षा रख-रखाव अधिनियम) के तहत अपने एक साल के कारावास के दौरान गंभीर यातनाएं सही थीं।
पार्टी का आरोप है कि विधानसभा ने पहले कभी इतना ‘घृणास्पद भाषण’ नहीं देखा। इस तरह की टिप्पणियों से सदन की गरिमा, परंपरा और इतिहास को दरकिनार कर दिया गया है।
द्रमुक ने आरोप लगाया कि शासन की विफलताओं पर प्रश्नों का उत्तर देने में असमर्थ होने के कारण मुख्यमंत्री विजय निम्न स्तर की बयानबाजी पर उतर आए हैं।
मुख्यमंत्री के इस भाषण के विरोध में 12 सितंबर को पार्टी के जिला सचिवों के नेतृत्व में पूरे राज्य में प्रदर्शन किए जाएंगे।
भाषा सुमित मनीषा
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