नयी दिल्ली, आठ अगस्त (भाषा) दिल्ली के एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने वर्ष 2021 में बस की टक्कर से जान गंवाने वाले दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के कर्मचारी के परिवार को 73.29 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किए जाने का आदेश दिया है।
कर्मचारी के स्कूटर को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की एक बस ने पीछे से टक्कर मार दी थी।
पीठासीन अधिकारी मनीष शर्मा ने यूपीएसआरटीसी को मृतक की मां और भाई को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 73.29 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का निर्देश दिया।
न्यायाधिकरण ने 30 जुलाई को दिए अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध तथ्यों और चर्चा के आधार पर वह प्रतिवादी संख्या-1 को दुर्घटना के समय वाहन चलाने में गंभीर लापरवाही और चूक का दोषी मानता है, जिसके कारण मेट्रो कर्मी की मौत हुई।
इस मामले में दायर कर गई दावा याचिका के अनुसार, गजेंद्र सिंह (35) चार जनवरी 2021 को अपने गांव से दिल्ली आ रहे थे। इसी दौरान गौतम बुद्ध नगर जिले में जीटी रोड पर डेरी मच्छा के पास यूपीएसआरटीसी की एक बस ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
बस चालक और यूपीएसआरटीसी ने दावे का विरोध करते हुए कहा कि स्कूटर सवार पहले एक रिक्शे से टकराया और उसके बाद बस की चपेट में आ गया।
हालांकि, न्यायाधिकरण ने प्रत्यक्षदर्शी की गवाही पर भरोसा किया और माना कि प्रतिवादी अपने दावे के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य पेश करने में विफल रहा।
न्यायाधिकरण ने कहा कि सिंह डीएमआरसी में रेफ्रिजरेटर और वातानुकूलन उपकरण ठीक करने काम करते थे तथा दुर्घटना के समय उनकी मासिक आय करीब 52,150 रुपये थी।
इसने सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए कुल 73.29 लाख रुपये का मुआवजा निर्धारित किया।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
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