तिरुवनंतपुरम, 20 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने बुधवार को कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में लोक भवन के निर्णय के अनुसार वंदे मातरम् का पूर्ण गायन किया गया और उन्हें या उनके सहयोगियों को पहले से इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रगीत के पूर्ण संस्करण के गायन को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीशन ने कहा कि नयी सरकार को पहले से यह जानकारी नहीं दी गई थी कि पूरा संस्करण गाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हमें यह जानकारी नहीं थी कि वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण प्रस्तुत किया जाएगा। निर्देश लोक भवन की ओर से आए थे। जब हम वहां खड़े थे और इसे पूरा गाया जाने लगा, तभी हमें इसका एहसास हुआ। बीच में इसे रोकना संभव नहीं था।’’
इस मुद्दे पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आई हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने यूडीएफ मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण संस्करण गाए जाने पर सवाल उठाया।
माकपा ने शपथ ग्रहण समारोह में वंदे मातरम् के पूर्ण पाठ की आलोचना करते हुए इसे ‘‘गलत कदम’’ बताया और कहा कि यह ‘‘बहुलतावादी समाज में अनुचित’’ था।
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार करते हुए माकपा पर जमात-ए-इस्लामी और एसडीपीआई जैसी ‘‘कट्टरपंथी वोट बैंक ताकतों को खुश करने’’ के लिए राष्ट्रगीत का ‘‘अपमान’’ करने का आरोप लगाया।
सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद, माकपा नेता पी ए मोहम्मद रियास ने वंदे मातरम् के पूर्ण गायन पर चिंता जताई और दावा किया कि आधिकारिक तौर पर केवल इसके पहले दो छंद ही गाए जाते हैं।
रियास की टिप्पणियों पर भाजपा विधायक वी मुरलीधरन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल किया कि राष्ट्रगीत के किन हिस्सों से माकपा नेता को आपत्ति है।
भाषा आशीष रंजन
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