(श्रुति भारद्वाज)
नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) कैंसर से जूझते हुए भी आंखों में सितारों का सपना संजोए दिल्ली के 15-वर्षीय एक लड़के ने हौसले की ऐसी मिसाल पेश की है, जो हर किसी को प्रेरित कर दे। अस्पताल के बिस्तर से पढ़ाई जारी रखते हुए उसने सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 96.6 प्रतिशत अंक हासिल किए और अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने के अपने सपने को नयी उड़ान दे दी।
महरौली निवासी छात्र आरव के पिता अजय अरोड़ा ने बताया कि उनके बेटे ने इलाज के दौरान भी पढ़ाई का साथ नहीं छोड़ा— वह अक्सर अस्पताल से ही कक्षाएं लेता था और थोड़ी-सी तबीयत संभलते ही परीक्षा की तैयारी में जुट जाता था।
डॉ. अजय अरोड़ा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 2022 में आरव में कैंसर का पता चला, जिसके बाद उसकी रीढ़ की सर्जरी कराई गई। इसके बाद लगभग एक साल तक उसकी जिंदगी घर और अस्पताल तक सिमटकर रह गई। उस समय वह कक्षा-सात में पढ़ रहा था।
उन्होंने कहा, “इन सब मुश्किलों के बावजूद उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी। अस्पताल में रहते हुए भी वह ऑनलाइन माध्यम से कक्षाओं से जुड़ता रहा और स्कूल ने भी हर कदम पर उसका पूरा साथ दिया।”
पिता ने कहा कि हालात को देखते हुए परिवार ने अपनी उम्मीदें बहुत सीमित रखी थीं।
उन्होंने कहा, “हमें तो बस यही उम्मीद थी कि वह किसी तरह पास हो जाए— ‘बस पास कर जाए’ यही सोच थी। लेकिन इस नतीजे ने हमें शब्दहीन कर दिया है।”
अब परिवार इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है— रिश्तेदार घर आकर आरव को बधाई दे रहे हैं।
अजय अरोड़ा ने बताया कि वह उसके लिए एक खास तोहफा देने की योजना बना रहे हैं, हालांकि आरव ने कभी किसी चीज की मांग नहीं की।
अपने बेटे को एकाग्र और जिज्ञासु बताते हुए उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान भी आरव अपनी बीमारी के बारे में पढ़ता रहता और सवाल करता था।
उन्होंने कहा, “वह दौर बहुत कठिन था, लेकिन दोस्तों और परामर्शदाताओं के सहारे उसने खुद को सकारात्मक बनाए रखा।”
अजय अरोड़ा ने बताया कि आरव की गणित में गहरी रुचि है और वह आगे चलकर खगोल भौतिकी (एस्ट्रोफिजिक्स) में करियर बनाना चाहता है।
उन्होंने कहा कि उसका सपना है कि एक दिन वह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) जैसी अग्रणी अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ शोधकर्ता के रूप में काम करे। इसके साथ ही वह प्रेरणादायक व्यक्तित्वों पर आधारित किताबें पढ़ना भी पसंद करता है।
सीबीएसई ने बुधवार को कक्षा 10 के परिणाम घोषित किए, जिसमें दिल्ली में उत्तीर्णता का कुल प्रतिशत 97.38 रहा, जो पिछले वर्ष के 95.14 प्रतिशत से बेहतर है।
पश्चिमी दिल्ली का परिणाम 97.45 प्रतिशत रहा, जो पूर्वी दिल्ली के 97.33 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। दोनों ही क्षेत्रों ने पिछले वर्ष की तुलना में सुधार दर्ज किया है। पिछले वर्ष पश्चिमी दिल्ली में 95.24 प्रतिशत और पूर्वी दिल्ली में 95.07 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए थे।
भाषा खारी सुरेश
सुरेश