केरल उच्च न्यायालय ‘द केरल स्टोरी 2’ के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अपराह्न तीन बजे सुनवाई करेगा

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केरल उच्च न्यायालय ‘द केरल स्टोरी 2’ के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अपराह्न तीन बजे सुनवाई करेगा

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  • Publish Date - February 25, 2026 / 02:29 PM IST,
    Updated On - February 25, 2026 / 02:29 PM IST

कोच्चि, 25 फरवरी (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह ‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ के खिलाफ दायर याचिकाओं पर भोजनावकाश के बाद के सत्र में दलीलें सुनेगा।

न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने कहा कि वह अपराह्न तीन बजे मामलों की विस्तृत सुनवाई करेंगे।

अदालत ने मंगलवार को मौखिक रूप से टिप्पणी की थी कि फिल्म के टीज़र और ट्रेलर में केरल जैसे राज्य को गलत तरीके से दर्शाया गया है, जबकि यह ऐसा राज्य है जहां हर कोई सांप्रदायिक सद्भाव के साथ रहता है।

अदालत ने यह भी कहा कि राज्य के नाम का इस्तेमाल करना और यह दावा करना कि फिल्म सच्चे तथ्यों पर आधारित है, राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकता है।

‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए दिए गए प्रमाणपत्र को रद्द करने के अनुरोध के मकसद से तीन अलग-अलग याचिकाएं दायर की गईं हैं।

फिल्म 27 फरवरी को रिलीज की जानी है।

इन तीन में से एक याचिका कन्नूर जिले के कन्नवम निवासी श्रीदेव नंबूदरी ने दायर की है, जिन्होंने पिछले सप्ताह दायर अपनी रिट याचिका में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) और निर्माता विपुल अमृतलाल शाह को प्रतिवादी बनाया है।

याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि फिल्म को कथित तौर पर सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत वैधानिक आदेश का उचित अनुपालन किए बिना सीबीएफसी द्वारा सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र दिया गया।

याचिका के अनुसार, यह शिकायत फिल्म के टीज़र और ट्रेलर से उत्पन्न हुई है, जिसमें कई राज्यों की महिलाओं से जुड़ी कहानियों को दर्शाया गया है, फिर भी सामग्री को ‘द केरल स्टोरी’ के रूप में प्रचारित किया गया है, जिससे आतंकवाद, जबरन धर्मांतरण और जनसांख्यिकीय षड्यंत्र की कथित घटनाओं को विशेष रूप से केरल राज्य से जोड़ा गया है।

याचिका में कहा गया है, ‘‘इस तरह के चित्रण में पूरे क्षेत्र की आबादी को कलंकित करने, सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने और सांप्रदायिक व क्षेत्रीय वैमनस्य भड़काने की क्षमता है।’’

भाषा यासिर वैभव

वैभव