विधि आयोग कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति के साथ एक साथ चुनाव कराने पर अपना खाका साझा करेगा

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विधि आयोग कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति के साथ एक साथ चुनाव कराने पर अपना खाका साझा करेगा

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  • Publish Date - October 20, 2023 / 05:58 PM IST,
    Updated On - October 20, 2023 / 05:58 PM IST

नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर (भाषा) विधि आयोग अगले सप्ताह पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति के साथ देश में एक साथ चुनाव कराने पर अपना खाका (रोडमैप) साझा करेगा।

देश में एक साथ चुनाव किस तरह कराए जा सकते हैं, इस पर विचार जानने के लिए समिति ने विधि आयोग को 25 अक्टूबर को आमंत्रित किया है।

उच्च स्तरीय समिति ने हाल में अपनी पहली बैठक में राजनीतिक दलों के विचार जानने का फैसला किया था। समिति ने अब दलों को देश में एक साथ चुनाव कराने के संबंध में अपने विचार से अवगत कराने के लिए पत्र लिखा है।

सूत्रों ने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को भेजे गए एक संदेश में समिति ने ‘‘परस्पर सहमत तिथि’’ पर उनके साथ विचार-विमर्श करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पार्टियों को अगले तीन महीनों में अपने विचार लिखित रूप में भेजने का विकल्प भी दिया गया है।

न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी की अध्यक्षता वाला विधि आयोग कार्यकाल को बढ़ाकर या घटाकर सभी विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने के फॉर्मूले पर काम कर रहा है, ताकि ये चुनाव 2029 के लोकसभा चुनावों के साथ कराए जा सकें।

विधि आयोग लोकसभा, विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के लिए एक साझा मतदाता सूची सुनिश्चित करने के संबंध में एक तंत्र तैयार कर रहा है, ताकि लागत और जनशक्ति के उपयोग को कम किया जा सके।

राज्य और लोकसभा दोनों चुनाव 2029 से एक साथ कराया जाना सुनिश्चित करने के संबंध में विभिन्न विधानसभा चुनावों को समायोजित करने के लिए, आयोग विधानसभाओं के कार्यकाल को कम करने या बढ़ाने का सुझाव दे सकता है।

यह सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र तैयार किया जा रहा है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो जाएं, तो मतदाता दोनों चुनावों के लिए मतदान करने केवल एक बार मतदान केंद्र पर जाएं।

सूत्रों ने कहा कि चूंकि विधानसभा और संसदीय चुनाव कई चरणों में होते हैं, इसलिए आयोग इसके लिए तौर-तरीकों पर काम कर रहा है कि मतदाता दो चुनावों के लिए अपना वोट डालने को लेकर एक से अधिक बार मतदान केंद्रों पर न जाएं।

सूत्रों के मुताबिक, आयोग का विचार है कि विधानसभा और संसदीय चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं और वह व्यापक लोकतांत्रिक कवायद के सुचारू संचालन के लिए तौर-तरीकों पर काम कर रहा है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप