संसदीय समिति ने चिकित्सकों के संगठन को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी
संसदीय समिति ने चिकित्सकों के संगठन को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी
नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) संसद की एक समिति ने नीट पेपर लीक मामले पर उच्चतम न्यायालय का रुख करने वाले चिकित्सकों के संगठन ‘यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट’ के प्रतिनिधियों को सोमवार को सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों की आपत्तियों के बाद अपनी बात रखने की अनुमति नहीं दी।
सूत्रों ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के शीर्ष अधिकारियों ने एक स्थायी संसदीय समिति को बताया कि एजेंसी का पूरा ध्यान 21 जून को होने वाली नीट-यूजी की पुन: परीक्षा को ठीक से आयोजित करने पर है।
सूत्रों ने कहा कि समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने एनटीए से इस बार किसी भी पेपर लीक को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों के बारे में सवाल किया। अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि पर्याप्त उपाय लागू किए गए हैं।
समिति के सदस्यों ने कंप्यूटर-आधारित परीक्षा में हैकिंग की आशंका के बारे में भी चिंता जताई, जिस पर एनटीए प्रतिनिधियों ने जवाब दिया कि इस मुद्दे की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसकी रिपोर्ट तीन महीने में आने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति ने यूनाइटेड डॉक्टर्स फोरम के प्रतिनिधियों को प्रस्तुति देने के लिए बुलाया था, लेकिन भाजपा सदस्यों की कड़ी आपत्ति के बाद उन्हें अनुमति नहीं दी गई।
यूडीएफ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने और उसकी जगह एक वैधानिक निकाय बनाने की मांग की थी।
भाषा हक अविनाश
अविनाश

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