(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना और कोरियाई राजा किम सूरो की कथा का हवाला देते हुए भारत और दक्षिण कोरिया के बीच प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया।
हैदराबाद हाउस में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ व्यापक वार्ता के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि आज भारत में के-पॉप, के-ड्रामा बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। उसी तरह, कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान बढ़ रही है।
उन्होने कहा, “2000 साल पहले, अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम सुरो की कहानी हमारी साझा विरासत है।”
‘अतुल्य भारत’ की आधिकारिक वेबसाइट पर इस प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों पर एक विस्तृत लेख उपलब्ध है।
कोरिया में उन्हें रानी हेओ ह्वांग-ओक के नाम से जाना जाता था। उत्तर प्रदेश सरकार और दक्षिण कोरिया के गिम्हे शहर के संयुक्त प्रयास से 2001 में निर्मित उनका स्मारक, रानी हेओ ह्वांग-ओक की महान यात्रा द्वारा निर्मित स्थायी संबंधों का एक जीवंत प्रमाण है।
अतुल्य भारत वेबसाइट के लेख के मुताबिक, “जैसा प्रतिष्ठित कोरियाई ग्रंथ सामगुक युसा में दर्ज है, अयोध्या की यह पुत्री – जिसे वहां रानी हेओ ह्वांग-ओक के नाम से जाना जाता है – ने दैवीय आदेश पर एक खतरनाक समुद्री यात्रा की थी।”
इसके अनुसार, “ऐसा कहा जाता है कि स्वयं देवताओं ने ही कराक वंश के राजा किम सूरो के साथ उनके विवाह की व्यवस्था की थी…।”
सोमवार को, भारत और दक्षिण कोरिया ने दोनों नेताओं की उपस्थिति में सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों में सहयोग सहित कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “संस्कृति और रचनात्मक उद्योग में, आपसी सहयोग के माध्यम से, हम फिल्म, एनिमेशन और गेमिंग के क्षेत्रों में भी नए संपर्क स्थापित करेंगे।”
उन्होंने कहा, “हमे बहुत खुशी है कि राष्ट्रपति ली खुद भारतीय सिनेमा के प्रशंसक हैं। इस सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के लिए, हम 2028 में भारत-कोरिया मैत्री उत्सव आयोजित करेंगे।”
उन्होंने कहा कि जन-जन संबंधों को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा, अनुसंधान सहयोग और पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “हम आने वाले दशक की सफलता की कहानियों की नींव रख रहे हैं।”
भाषा प्रशांत अविनाश
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