नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) सरकार ने बारापुला के तीसरे चरण के पूरा होने की समय सीमा को बढ़ाकर वर्ष 2027 कर दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
काम पूरा होने की समय सीमा में बढ़ोतरी के साथ ही पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सुगम आवाजाही का इंतजार और लंबा हो गया है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दिल्ली सरकार को जानकारी दी है कि सराय काले ख़ां से मयूर विहार को जोड़ने वाली परियोजना के पूरा होने में हुई देरी और निर्माण लागत में वृद्धि ऐसे कारणों से हुई, जो ‘उसके नियंत्रण से बाहर’ थे।
यह परियोजना पर 2015 से काम जारी है और इस दौरान कई बार इसकी समय सीमा बढ़ाई गई और इसकी लागत में वृद्धि हुई है। इसकी शुरुआती समय सीमा 2017 थी।
अधिकारियों के अनुसार, परियोजना स्थल पर 95 प्रतिशत तक का काम पूरा हो चुका है और अब अंतिम हिस्से को पूरा करने के लिए 15 महीने का अतिरिक्त समय और लगेगा।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में संपन्न हुई व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में सरकार को सूचित किया गया था कि परियोजना की कुल निर्माण लागत में 374.40 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। शुरुआत में इस परियोजना की लागत 1,260.63 करोड़ रुपये अनुमानित थी, जो अब बढ़कर 1,653.03 करोड़ रुपये हो गई है।
ईएफसी बैठक के कार्यवृत्त में कहा गया, ”भूमि अधिग्रहण और हाई-टेंशन (एचटी) लाइनों को स्थानांतरित करने जैसी बाधाओं के कारण परियोजना के निर्धारित समय में पूरा होने में अत्यधिक देरी हुई। ये देरी विभाग के नियंत्रण से बाहर थीं और अंततः एजेंसी के पक्ष में मध्यस्थता (पंचाट) का फैसला आया, जिससे परियोजना की लागत भी बढ़ गई।”
पिछले वर्ष जुलाई में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस परियोजना के निर्माण में कथित ‘अनियमितताओं’ की जांच के आदेश दिए थे।
दिल्ली सरकार ने पीडब्ल्यूडी को लंबित परियोजना में लागत वृद्धि को समायोजित करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी के लिए एक नया और व्यापक प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश भी दिया है।
अधिकारियों ने बताया, ‘ साल 2015 में शुरू की गई इस परियोजना की शुरुआत में अनुमानित लागत 1,260.63 करोड़ रुपये थी। सभी लंबित देनदारियों और अन्य खर्चों को ध्यान में रखते हुए अब इसकी लागत बढ़कर 1,653.03 करोड़ रुपये हो गई है।’
भाषा प्रचेता पवनेश
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