कोट्टायम (केरल), छह मई (भाषा) नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) के महासचिव जी सुकुमारन नायर ने बुधवार को कहा कि नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की जीत किसी एक व्यक्ति के प्रयासों के कारण नहीं थी, बल्कि जनता सरकार से तंग आ चुकी थी और बदलाव चाहती थी, यह जीत उसी का परिणाम थी।
कांग्रेस नेता वी डी सतीशन की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की जीत में भूमिका को लेकर पत्रकारों के सवालों के जवाब में नायर ने यह टिप्पणी की।
उन्होंने चुनाव परिणाम को लोकतंत्र की जीत बताया और तर्क दिया कि वामपंथी दल की हार आंतरिक कलह के कारण हुई है, न कि सत्ता-विरोधी भावना के कारण।
नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) के महासचिव ने सतीशन के साथ अपने मतभेदों को लेकर कहा कि मतभेद अब भी कायम हैं क्योंकि संगठन कुछ मुद्दों पर कांग्रेस नेता के रुख से सहमत नहीं है।
नायर ने कहा कि वह सतीशन से अपना रुख बदलने के लिए नहीं कहेंगे क्योंकि यह एक तरह का ‘‘आमंत्रण’’ होगा और इसकी कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता के साथ मतभेदों का इस्तेमाल चुनाव में उनके खिलाफ नहीं किया गया।
नायर ने कहा, ‘‘यहां से किसी को भी यह निर्देश नहीं दिया गया कि किसे समर्थन देना है और किसे नहीं।’’
केरल में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री किसे बनना चाहिए, इस सवाल पर एनएसएस के महासचिव ने कहा कि इस मामले पर उनकी कोई राय नहीं है और इस पर फैसला कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सक्षम और अनुभवी हो। हमने किसी का नाम तय नहीं किया है। मुख्यमंत्री कौन होना चाहिए, इसका फैसला कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।’’
मुख्यमंत्री पद के लिए सतीशन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला और पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नाम विचाराधीन हैं।
एनएसएस नायर समुदाय का एक अग्रणी संगठन है।
भाषा सुरभि मनीषा
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