महिला आयोग ने एआरटी, आईवीएफ सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर विचार के लिए तीन विशेष समूह बनाए

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महिला आयोग ने एआरटी, आईवीएफ सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर विचार के लिए तीन विशेष समूह बनाए

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 08:06 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 08:06 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू)की एक विशेषज्ञ समिति ने मंगलवार को ‘सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी)और आईवीएफ सेवाओं के नैतिक, विनियामक और चिकित्सा पहलुओं की जांच के लिए तीन विशेष समूह बनाए। ये समूह विशेषतौर पर महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

यह निर्णय एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर द्वारा बुलाई गई एआरटी, आईवीएफ क्लीनिक और महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा’ पर बनी विशेषज्ञ समिति की पहली बैठक में लिया गया।

आयोग द्वारा जारी बयान के मुताबिक नैतिकता संबंधी समूह जानकारी के साथ सहमति, प्रजनन से जुड़े फैसले लेने की आजादी, निजता और गोपनीयता, दानकर्ता प्रबंधन, भ्रूण से जुड़े मामलों, शोषण की रोकथाम और महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी अन्य नैतिक चिंताओं जैसे मुद्दों की समीक्षा करेगा।

बयान के मुताबिक विधायी और नियामक समूह एआरटी और आईवीएफ सेवाओं से जुड़े मौजूदा कानूनी और नियामक ढांचे की समीक्षा करेगा, लागू करने के तरीकों का आकलन करेगा, नियामक और प्रवर्तन संबंधी खामियों की पहचान करेगा और उचित कानूनी, संस्थागत और नीतिगत सुधारों की सिफारिश करेगा।

आयोग के मुताबिक चिकित्सा और एहतियात समूह एआरटी और आईवीएफ सेवाओं से जुड़े नैदानिक प्रोटोकॉल, प्रयोगशाला के तौर-तरीकों, मरीज़ों की सुरक्षा के उपायों, गुणवत्ता मानकों, रिकॉर्ड रखने के तरीकों, जैविक पहचान, बचाव के उपायों और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने वाले सबसे अच्छे तरीकों की समीक्षा करेगा।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश