निर्वाचन आयोग को सौंपी गई बंगाल की ‘ग्रुप बी’ अधिकारियों की सूची में कई विसंगतियां: शुभेंदु

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निर्वाचन आयोग को सौंपी गई बंगाल की ‘ग्रुप बी’ अधिकारियों की सूची में कई विसंगतियां: शुभेंदु

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 10:35 PM IST

कोलकाता, 10 फरवरी (भाषा) वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने निर्वाचन आयोग को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए सौंपी गई 8,505 अधिकारियों की सूची में ‘ग्रुप सी’ के कई कर्मचारियों के साथ-साथ ‘ग्रुप बी’ के सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम भी शामिल किए हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसा कर राज्य सरकार अदालत और निर्वाचन आयोग को गुमराह कर रही है।

सोमवार को अपने आदेश में, उच्चतम न्यायालय ने उल्लेख किया कि पश्चिम बंगाल ने एसआईआर के लिए निर्वाचन आयोग को ‘ग्रुप बी’ के 8,505 अधिकारियों की सूची प्रदान की है।

भाजपा नेता ने प्रेसवार्ता में कहा कि ईआरओ और एईआरओ के रूप में कार्यरत राज्य सरकार का कोई कर्मचारी यदि एसआईआर में किसी भी प्रकार का अनुचित कार्य करता है, तो भाजपा तत्काल कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग के समक्ष यह मुद्दा उठाएगी और उस अधिकारी को कोई नहीं बचा सकता।

विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “ममता बनर्जी ने ग्रुप सी के अधिकारियों को ग्रुप बी के रूप में पेश किया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों और उच्चतम न्यायालय के निर्देश का उल्लंघन करते हुए ग्रुप बी के सेवानिवृत्त और ग्रुप सी के अधिकारियों को भी सूची में शामिल किया है।”

अधिकारी ने बनर्जी की उस घोषणा पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने कहा था कि बेरोजगार युवाओं की मदद के लिए युवा साथी शिविर 15 से 26 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें इस बात का एहसास हो चुका है कि उनके पैरों तले ज़मीन खिसक रही है और राज्य की जनता, बंगाल के युवाओं ने उनका साथ छोड़ दिया है। मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल केवल दो-तीन महीने बचा है, इसलिए वह लोगों को गुमराह करने की हताश कोशिश कर रही हैं।’’

भाषा राजकुमार नेत्रपाल

नेत्रपाल