पारादीप तट के पास डूबे जहाज से लौह अयस्क के परिवहन में कुछ भी अवैध नहीं था : मंत्री

पारादीप तट के पास डूबे जहाज से लौह अयस्क के परिवहन में कुछ भी अवैध नहीं था : मंत्री

पारादीप तट के पास डूबे जहाज से लौह अयस्क के परिवहन में कुछ भी अवैध नहीं था : मंत्री
Modified Date: August 24, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: August 24, 2026 6:25 pm IST

भुवनेश्वर, 24 अगस्त (भाषा) ओडिशा सरकार ने सोमवार को कहा कि पनामा के झंडे वाले उस विशाल मालवाहक पोत के जरिए पारादीप बंदरगाह से लौह अयस्क के परिवहन में कुछ भी अवैध नहीं था, जो राज्य के तट के पास बंगाल की खाड़ी में डूब गया।

राज्य के इस्पात एवं खान तथा परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने इस बारे में यह बयान दिया। इससे एक दिन पहले विपक्षी बीजू जनता दल की ओर से राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की गयी थी कि जहाज के माध्यम से किया जा रहा लौह अयस्क का परिवहन कानूनी था या नहीं।

जेना ने कहा, “खनिजों के प्रेषण से संबंधित सभी दस्तावेज मौजूद हैं। सब कुछ कानूनी था।” उन्होंने यह भी कहा कि चालक दल के 24 सदस्यों को लेकर जा रहे जहाज से जुड़ी दुर्घटना की जांच जारी है।

मंत्री ने कहा, “यह दुर्घटना ओडिशा तट से करीब 240 किलोमीटर दूर हुई। चालक दल के दो सदस्यों को बचा लिया गया है और उनका उपचार किया जा रहा है। इस घटना में किसी की मौत होने की कोई जानकारी नहीं है।”

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जहाज एमवी ओशन विनर 72,000 टन लौह अयस्क लेकर जा रहा था, जबकि उसकी माल ढोने की क्षमता 73,000 टन थी।

रविवार को शंख भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजू जनता दल (बीजद) नेता एवं पूर्व मंत्री प्रीतिरंजन घड़ाई ने चीन को भेजे जा रहे लौह अयस्क फाइन्स के परिवहन और जहाज के डूबने की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।

भाषा रंजन माधव

माधव


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