त्रिपुरा में उग्रवादियों ने अगवा किए गए तीन मजदूरों को रिहा किया

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त्रिपुरा में उग्रवादियों ने अगवा किए गए तीन मजदूरों को रिहा किया

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  • Publish Date - December 24, 2020 / 11:57 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:15 PM IST

अगरतला, 24 दिसंबर (भाषा) त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक गांव से प्रतिबंधित नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के उग्रवादियों द्वारा अगवा किए गए तीन निर्माण मजदूरों को रिहा कर दिया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को इस बारे में बताया।

उन्होंने बताया कि नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनपीसीसी) गंगानगर थाना क्षेत्र के दलाई जिले के मालदापाड़ा गांव में सीमा पर तारबंदी का काम करवा रही है। इसी दौरान सात दिसंबर को इन मजदूरों को अगवा कर लिया गया था। जिस स्थान से मजदूरों को अगवा किया गया वह अगरतला से करीब 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ।

त्रिपुरा पुलिस के सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) सुब्रत चक्रवर्ती ने बताया कि बुधवार की शाम मजदूरों को रिहा कर दिया गया।

स्वचालित हथियारों से लैस छह उग्रवादियों के एक समूह ने चटगांव हिल ट्रैक्ट्स (सीचीटी) के निर्माण स्थल पर धावा बोला और तीनों मजदूरों को बांग्लदेश लेकर चले गए थे।

अगवा के बारे में खबर मिलने पर पुलिस अधीक्षक किशोर देववर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और तलाश अभियान चलाया।

एआईजी ने बताया कि सुरक्षा बलों के लगातार अभियान के बाद उग्रवादियों ने अगवा किए गए लोगों को रिहा कर दिया। उन्होंने बताया कि बांग्लादेशी सुरक्षा बलों ने भी अपने देश में व्यापक अभियान चलाया।

अगवा किए गए लोगों की पहचान सुभाष भौमिक, सुबल देवनाथ और गणपति त्रिपुरा के तौर पर हुई थी।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश