तेजपुर, 10 मई (भाषा) असम के लखीमपुर जिले से रविवार को तीन संदिग्ध शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में गैडों का शिकार करने की साजिश रच रहे थे।
राष्ट्रीय उद्यान निदेशक सोनाली घोष ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर पूर्वी रेंज, गमिरी और विश्वनाथ वन्यजीव प्रभाग के अपराध जांच रेंज के वन अधिकारियों द्वारा संयुक्त अभियान में नारायणपुर से ये गिरफ्तारियां की गईं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह अभियान मार्च में दर्ज एक वन्यजीव अपराध मामले के संबंध में चलाया गया था। आरोपी राष्ट्रीय उद्यान के छठे परिवर्धन क्षेत्र में गैंडों का शिकार करने की साजिश रच रहे थे।’’
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान, वन दलों ने माजुली जिले के उखाल चुक से एक देसी आग्नेयास्त्र के कुछ हिस्से भी बरामद किए, जिनमें राइफल का बोल्ट और बट (बिना मैगज़ीन के) शामिल थे।
उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी माजुली, लखीमपुर और विश्वनाथ जिलों के निवासी हैं।
घोष ने बताया कि इससे पहले के वन्यजीव अपराध मामले में, वन अधिकारियों ने काजीरंगा के पास गोपालजरानी क्षेत्र से .303 राइफल और 13 कारतूस बरामद किये थे।
वन अधिकारियों को इस मामले में एक बड़े शिकार गिरोह की संलिप्तता का संदेह है।
भाषा अमित नरेश
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