अलाप्पुझा (केरल), दो अगस्त (भाषा) केरल के विधायक जी. सुधाकरन ने रविवार को कहा कि पंपा और मणिमाला नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद सिंचाई विभाग ने थोट्टापल्ली जल-निकास द्वार (स्पिलवे) समय रहते खोल दिए, जिससे कुट्टनाड और अंबालाप्पुझा क्षेत्रों में भारी बाढ़ का खतरा टल गया।
‘स्पिलवे’ बांध या जलाशय का एक सुरक्षा ढांचा है, जिसका उपयोग अतिरिक्त पानी को सुरक्षित बाहर निकालने, जलस्तर नियंत्रित करने और बाढ़ से बचाव के लिए किया जाता है।
मूसलाधार बारिश से प्रभावित पत्तनमथिट्ठा और कोट्टायम जिलों से होकर बहने वाली पंपा और मणिमाला नदियों का पानी अरब सागर में गिरने से पहले अलाप्पुझा के निचले कुट्टनाड इलाके में पहुंचता है।
अलाप्पुझा में थोट्टापल्ली स्पिलवे मौजूद है, जबकि तन्नीरमुक्कोम और अंधाकारनझी में बने बैराज पानी के बहाव को नियंत्रित करते हैं। ये ढांचे फसल की सुरक्षा के लिए समुद्र के खारे पानी को खेतों में आने से भी रोकते हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने शनिवार को थोट्टापल्ली जल-निकास मार्ग के सभी 39 जल कपाट खोल दिए। इसके अलावा, पानी की तेजी से निकासी सुनिश्चित करने और निचले रिहाइशी इलाकों को डूबने से बचाने के लिए तन्नीरमुक्कोम और अंधाकारनझी बैराज के भी सभी फाटक खोल दिए गए।
अंबालाप्पुझा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक सुधाकरन ने थोट्टापल्ली स्पिलवे का दौरा कर समुद्र की ओर जा रहे पानी के तेज बहाव का जायजा लिया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “नदी में पानी की मात्रा बहुत अधिक है और बहाव बेहद तेज है। फाटक समय पर खोले जाने के कारण ही तटवर्ती इलाकों को फिलहाल जलभराव से बचाया जा सका है। इस बार सिंचाई विभाग ने बिना किसी देरी के क्षमता के अनुसार सभी फाटक पूरी तरह खोल दिए।”
भाषा सुमित प्रशांत
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