Kerala Heavy Rain | Photo Credit: AI
तिरुवनंतपुरम: Kerala Heavy Rain केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने रविवार को कहा कि राज्य में पिछले दिन हुई भारी बारिश से आठ लोगों की मौत हुई है, जबकि आठ अन्य लापता हैं और 13 लोग घायल हुए हैं। (Kerala Flood News) बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में संपत्ति को नुकसान पहुंचा, भूस्खलन हुए और जलभराव की स्थिति बन गई।
Kerala Heavy Rain मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारी बारिश से 27 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि 196 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बयान में कहा गया है कि प्रभावित इलाकों से 5,792 लोगों को राज्यभर में बनाए गए 209 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार मृतकों के परिजनों और इस आपदा में घर तथा आजीविका गंवाने वाले लोगों को सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिन के मुकाबले बारिश में कमी आई है, लेकिन लोगों, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। सतीशन ने कहा कि वह बारिश से संबंधित राहत कार्यों को लेकर राजस्व मंत्री ए पी अनिलकुमार, विभिन्न जिलों में तैनात मंत्रियों और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं। अनिल कुमार ने यहां पत्रकारों से कहा कि राज्य में पिछले दिन हुई भारी बारिश से हुए व्यापक नुकसान और जलभराव के बाद स्थिति में अब सुधार हो रहा है और हालात नियंत्रण में हैं।
मंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त सड़कों को बहाल कर दिया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही पर अभी भी प्रतिबंध लागू हैं। उन्होंने कहा कि कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए पहले ही अलर्ट जारी कर दिए गए हैं और इससे निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में शनिवार को 320 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया।
प्राधिकरण ने बताया कि सबसे अधिक बारिश (320 मिमी) कन्नूर जिले के अय्यनकुन्नू क्षेत्र में दर्ज की गई। बारिश कम होने के बाद कई बांधों का जलस्तर घटा है, जिसके चलते पिछले दिन खोले गए बांधों के फाटकों को बंद कर दिया गया है। हालांकि, केएसडीएमए के मुताबिक, इडुक्की, पत्तनमथिट्ठा और त्रिशूर जिलों में बिजली उत्पादन से जुड़े कुछ बांधों का जलस्तर अभी भी ‘रेड अलर्ट’ स्तर पर बना हुआ है।
राज्य के पर्यटन मंत्री पी सी विष्णुनाथ ने कहा कि भारी बारिश के बाद पत्तनमथिट्ठा और अरनमुला क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक अतिरिक्त टीम तैनात की गई है। इसके अलावा तिरुवनंतपुरम, पलक्कड़ और एर्नाकुलम से दमकल विभाग की इकाइयों को भी बुलाया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक अगस्त को राज्य के 12 जिलों के लिए रविवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था। ‘ऑरेंज अलर्ट’ का अर्थ 115 मिलीमीटर से 204 मिलीमीटर तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना से है।