तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर को 11 दिवसीय उत्सव के दौरान चढ़ावे में एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी प्राप्त हुई

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तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर को 11 दिवसीय उत्सव के दौरान चढ़ावे में एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी प्राप्त हुई

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  • Publish Date - August 22, 2026 / 03:39 PM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 03:39 PM IST

चेन्नई, 22 अगस्त (भाषा) तमिलनाडु में तिरुत्तनी के अरुलमिगु सुब्रमण्यस्वामी मंदिर में हाल में हुए 11 दिवसीय ‘आदि’ उत्सव के दौरान भक्तों की ओर से दिए गए चढ़ावे में भारी बढ़ोतरी देखी गई। इस अवधि में मंदिर को एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी और बड़ी मात्रा में कीमती धातुएं प्राप्त हुईं।

एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर को दान पेटियों से कुल 1,05,54,389 रुपये नकद, 293 ग्राम सोना और 7,153 ग्राम चांदी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि आदि कार्तिगई और नौका उत्सव के कारण चढ़ावे में यह बढ़ोतरी हुई।

चढ़ावे में हुई इस अभूतपूर्व वृद्धि का कारण तमिलनाडु के विभिन्न जिलों और पड़ोसी राज्यों से आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को माना जा रहा है।

भगवान मुरुगन को समर्पित एक प्रतिष्ठित वार्षिक उत्सव ‘आदि कार्तिगई ‘ और ‘थेप्पा थिरुविझा’ (नौका उत्सव) के शुभ अवसर के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई। यह त्योहार तब मनाया जाता है जब तमिल महीने ‘आदि’ (मध्य जुलाई से मध्य अगस्त) में कृत्तिका नक्षत्र का योग बनता है।

हिंदू परंपरा के अनुसार, यह दिन भगवान मुरुगन की दिव्य उत्पत्ति के सम्मान में मनाया जाता है, जिनका जन्म के बाद छह कृत्तिका कन्याओं द्वारा पालन-पोषण किया गया था।

चेन्नई से लगभग 93 किलोमीटर दूर तिरुवल्लूर जिले में स्थित तिरुत्तनी मंदिर राज्य का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहां तिरुपति जाने वाले तीर्थयात्री अक्सर आते हैं। यह प्राचीन मंदिर भगवान मुरुगन का पांचवां निवास स्थान है।

भाषा प्रचेता रंजन

रंजन