नंदीग्राम (पश्चिम बंगाल), 15 जनवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी के पास पिछले सप्ताह राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कोलकाता कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई तलाशी से संबंधित “कुछ जानकारी” है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा कि मामले की आगे की कार्यवाही के दौरान इस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बनर्जी की ये टिप्पणियां ऐसे दिन आई हैं जब उच्चतम न्यायालय ने ईडी के इस आरोप को “बेहद गंभीर” बताया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसकी जांच में “बाधा” डाली थी, और इस बात की जांच करने पर सहमति जताई है कि क्या किसी राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां किसी गंभीर अपराध की केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं।
आई-पैक के सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास और आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार को न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश पर प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने कहा कि आदेश का पालन करने में कोई कठिनाई नहीं है।
बनर्जी ने नंदीग्राम के ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविर में पत्रकारों से कहा, “अगर न्यायालय ने निर्देश दिया है, तो इसमें क्या समस्या है? मामला जारी रहेगा और अभी समाप्त नहीं हुआ है। अगली सुनवाई की तारीख पर हम अपना पक्ष फिर से रखेंगे।”
केंद्रीय एजेंसी के आचरण का जिक्र करते हुए डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा कि तलाशी से संबंधित कुछ तथ्य उनकी पार्टी को भी ज्ञात थे और यदि आवश्यक हो तो उन्हें अदालतों के समक्ष रखा जा सकता है।
उन्होंने कहा, “तलाशी से संबंधित कुछ जानकारी हमारे पास भी है। यदि कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के समक्ष कोई गलत बयान दिए गए हैं, तो उन पहलुओं को उचित समय पर न्यायालयों के समक्ष लाया जा सकता है।”
वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने न्यायालय के निर्देश पर टिप्पणी करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा भ्रष्टाचार और घोर कदाचार को छिपाने के लिए सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने दावा किया कि राज्य सरकार ने इस मामले से निपटने के लिए “महंगे वकीलों” को नियुक्त किया है।
अधिकारी ने कहा, “यह मुख्यमंत्री पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा भ्रष्टाचार और घोर कदाचार को छिपाने के लिए सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।”
भाषा प्रशांत पवनेश
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