TMC Shushmita Dev Resigns | Photo Credit: AI
कोलकाता: TMC Shushmita Dev Resigns पश्चिम बंगाल में जब से बीजेपी की सरकार आई है, तब से टीएमसी के सांसद लगातार पार्टी से बगावत कर रहे हैं। एक के बाद एक लगातार टीएमसी के संसदीय दल में टूट की खबर सामने आ रही है। इसी बीच टीएमसी को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की करीबी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा (Sushmita Dev Resignation) दे दिया है। महज एक हफ्ते के भीतर तृणमूल कांग्रेस के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है, जब किसी नेता ने उच्च सदन से इस तरह अपना पद छोड़ा है।
इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव का बड़ा बयान (Sushmita Dev Statement) सामने आया है। इस्तीफे और आगे की रणनीति को लेकर चल रही अटकलों के बीच उन्होंने साफ कहा है कि वह किसी भी तरह की ‘दोहरी राजनीति’ में नहीं हैं और अभी उन्हें कुछ समय सोचने की जरूरत है। अपने बयान में सुष्मिता देव ने कहा कि वह ‘किसी दो नावों में सवार नहीं हैं’ और अभी कुछ समय सोचने के लिए चाहती हैं कि राजनीति एक लंबी प्रक्रिया है और हर फैसला तुरंत नहीं लिया जा सकता। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह किसी भी स्थिति में खुद को दो विकल्पों के बीच नहीं रखना चाहतीं, क्योंकि उनके मुताबिक यह सही तरीका नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि वह फिलहाल कुछ दिनों के ‘ब्रेक’ पर हैं और आने वाले समय में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर फैसला लेंगी। साथ ही उन्होंने यह कहा कि मैं ममता दीदी पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।’
#WATCH | Delhi | Sushmita Dev confirms quitting TMC, says, “I have left Trinamool Congress. It is a long story why I left TMC. I don’t want to be in a situation where I am in two boats at the same time. I will not comment on Mamata Didi.” pic.twitter.com/8eVs56R2zk
— ANI (@ANI) June 10, 2026
TMC Ke Bagi Sansad इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने दिल्ली में असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) से मुलाकात की है। जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। कयास लगाया जा रहा है कि इस्तीफे के बाद अब वो बीजेपी में शामिल हो सकती है। बता दें कि सुष्मिता देव पहले असम के सिलचर से कांग्रेस की लोकसभा सांसद थीं। वे 2019 में हार के बाद पार्टी छोड़कर 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गईं। उन्होंने तेजी से तरक्की की और पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनीं, और बाद में उन्हें राज्यसभा की सीट भी मिली।