TMC Symbol Row: Mamata Banerjee को बड़ा झटका, TMC का नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक, चुनाव आयोग ने इस वजह से लिया फैसला

TMC Symbol Row: Mamata Banerjee को बड़ा झटका, TMC का नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक, चुनाव आयोग ने इस वजह से लिया फैसला

TMC Symbol Row: Mamata Banerjee को बड़ा झटका, TMC का नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक, चुनाव आयोग ने इस वजह से लिया फैसला

TMC Symbol Row: Mamata Banerjee को बड़ा झटका, TMC का नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक, चुनाव आयोग ने इस वजह से लिया फैसला /image: IBC24 File

Modified Date: September 18, 2026 / 07:39 am IST
Published Date: September 18, 2026 7:28 am IST
HIGHLIGHTS
  • TMC के नाम-सिंबल पर रोक
  • दोनों गुट चुनेंगे नए नाम-चिह्न
  • उपचुनाव से पहले EC का बड़ा फैसला

नई दिल्ली। TMC Symbol Row: भारत के चुनाव आयोग (Election Commission) ने AITC के नाम और चुनाव चिह्न के मामले में अंतरिम आदेश जारी किया है, आयोग का कहना है कि, “याचिकाकर्ता अरूप रॉय और ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के नेतृत्व वाले किसी भी गुट को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ (All India Trinamool Congress) नाम का इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं (TMC Name Symbol Freeze)  होगी। दोनों में से किसी भी गुट को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के लिए आरक्षित ‘फूल और घास’ (Flowers & Grass) वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने की भी इजाज़त नहीं होगी।

दोनों गुट फ्री सिंबल की सूची से चुन सकेंगे चुनाव चिह्न (Election Commission Order)

TMC Symbol Row दोनों गुट अपने-अपने गुट के लिए जो भी नाम चाहें, उसका इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें वे चाहें तो अपनी मूल पार्टी ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस‘ का ज़िक्र भी कर सकते हैं। और दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिह्न दिए जाएंगे, जिन्हें वे मौजूदा उपचुनावों के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी ‘फ्री सिंबल’ (free symbols) की सूची में से चुन सकते हैं।”

60 विधायकों ने बना लिया अलग गुट

TMC Election Symbol आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी की टीएमसी में गुटबाजी के बाद पार्टी दो गुटों में बंट गई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 60 विधायकों ने अलग गुट बना लिया है और विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष की मान्यता भी दी है, वहीं ममता बनर्जी की TMC ने इसके खिलाफ चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.