पालघर में मूसलाधार बारिश का कहर, एक की मौत; एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीम मांगी गई

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पालघर में मूसलाधार बारिश का कहर, एक की मौत; एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीम मांगी गई

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 10:50 AM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 10:50 AM IST

ठाणे/पालघर, 23 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के पालघर जिले में रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई कस्बे और गांव जलमग्न हो गए तथा कई लोग फंस गए जिसके बाद प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

जिलाधिकारी इंदु रानी जाखड़ ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एक नाले से एक व्यक्ति का शव मिला है। उन्होंने कहा कि मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बृहस्पतिवार को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

जाखड़ ने बताया कि हालात बिगड़ने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक अतिरिक्त टीम उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘एनडीआरएफ की एक टीम पहले से ही जिले में तैनात है और बचाव अभियान में जुटी हुई है। जारी राहत एवं बचाव कार्यों को और मजबूत करने के लिए हमने एक अतिरिक्त टीम की मांग की है।’’

जिलाधिकारी के अनुसार, दहानू और तलासरी तालुका सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। दहानू शहर तथा तलासरी के कई गांवों में व्यापक जलभराव हो गया है, जिसके कारण सैकड़ों लोग फंस गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। जिले के कई इलाकों में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।’’

जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘कुछ स्थानों पर लोग अपने घरों की पहली मंजिल पर फंसे हुए हैं। जलस्तर कम होने के बाद ही उन्हें सुरक्षित निकाला जा सकेगा।’’

उन्होंने बताया कि तेज बहाव और व्यापक जलभराव के कारण एनडीआरएफ के जवानों को भी प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पालघर आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण दहानू और तलासरी तालुका का अन्य क्षेत्रों से संपर्क लगभग कट गया है।

उन्होंने बताया कि जिले के मसवान और सारावली सहित कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है।

कदम ने कहा, ‘‘हमारी बचाव टीमें फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मौके पर तैनात हैं। बाढ़ का पानी कम होने और प्रभावित इलाकों तक पहुंच संभव होने के बाद वहां फंसे लोगों को खाद्य सामग्री के पैकेट पहुंचाए जाएंगे।’’

जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘अब तक कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई है, लेकिन जिले के विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग अब भी फंसे हुए हैं। हमारी तत्काल प्राथमिकता उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।’’

इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी ठाणे जिले में भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।

भाषा तान्या सिम्मी

सिम्मी