नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक अपीलीय न्यायाधिकरण को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अपना नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर एक वकील की अपील पर जल्द सुनवाई कर फैसला करने का निर्देश दिया।
भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहाना की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता पश्चिम बंगाल के वास्तविक निवासी प्रतीत होते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि 75 वर्षीय वकील करीब पांच दशकों से वकालत कर रहे हैं और राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू होने से पहले वह वैध मतदाता थे।
मामले में याचिकाकर्ता ने मतदाता सूची से उनका नाम हटाए जाने को चुनौती दी है।
न्यायालय ने अपीलीय न्यायाधिकरण से इस मामले का जल्द निपटारा करने को कहा।
पीठ ने कहा, “आप (याचिकाकर्ता) पश्चिम बंगाल के वास्तविक निवासी प्रतीत होते हैं। आपको उस प्रक्रिया के बारे में जानकारी है, जिसे हमने बनाया है।” याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने न्यायालय को बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ याचिकाकर्ता ने अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दाखिल की थी लेकिन अब तक उस पर फैसला नहीं हुआ।
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता वर्ष 1977 से मुर्शिदाबाद में वकालत कर रहे हैं और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था।
न्यायालय ने याचिका का निपटारा करते हुए न्यायाधिकरण से अनुरोध किया कि वह याचिकाकर्ता की अपील पर जल्द फैसला करे।
शीर्ष अदालत ने कहा कि कोशिश की जाए कि मामले का निपटारा अधिकतम दो महीने के भीतर कर दिया जाए।
भाषा जितेंद्र संतोष
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