कोलकाता, चार मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कई जिलों में अपने कार्यकर्ताओं पर हमलों का आरोप लगाया है। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने बुधवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर राज्य में सत्ता बरकरार रखने के लिए हिंसा और धमकी का सहारा लेने का आरोप लगाया।
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि कोलकाता के कई स्थानों के अलावा हुगली, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना जैसे विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘अपराधी तत्व और तृणमूल कांग्रेस एक हो गए हैं। लोकतंत्र का उत्सव शुरू होने से पहले ही केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा है। यह राज्य के लिए शर्म की बात है।’’
भाजपा के राज्यसभा सदस्य ने सत्ताधारी पार्टी पर धार्मिक ध्रुवीकरण में लिप्त होने का भी आरोप लगाया।
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘वे (तृममूल) जानते हैं कि उन्हें सत्ता छोड़नी होगी, और इसीलिए सत्ता पर काबिज रहने के लिए बेताब हो गए हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई, जिसके कारण चुनावों से पहले केंद्रीय बलों की तैनाती जरूरी हो गई। यह मांग पार्टी ने पिछले चुनाव में भी बार-बार की थी।
भट्टाचार्य ने राज्य प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारियों को अंततः भाजपा सरकार के अधीन काम करना होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य के उन अधिकारियों को भविष्य में भाजपा सरकार के साथ काम करना होगा जो तृणमूल की विचारधारा का अनुसरण कर रहे हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने भट्टाचार्य के आरोपों का खंडन किया।
घोष ने कहा, ‘भाजपा चुनावी लाभ के लिए अशांति फैलाने और ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रही है।’
इस बीच, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने कहा कि अगर विपक्षी पार्टी की पांच मार्च से शुरू होने वाली ‘परिवर्तन यात्रा’ पर हमला होता है तो तृणमूल को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मजूमदार ने कहा, ‘‘हमारी ‘परिवर्तन यात्रा’ को रोकने या उस पर हमला करने की हिम्मत मत करना। तुम्हें जैसे को तैसा की तर्ज पर जवाब मिलेगा।’
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है।
भाषा
शुभम संतोष
संतोष