नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस से कहा कि वह कोलकाता में कैमैक स्ट्रीट स्थित अपने कार्यालय से पार्टी का साइनबोर्ड/होर्डिंग हटाए जाने से जुड़े मामले में अपनी सभी दलीलें उच्च न्यायालय के समक्ष रखे।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने तृणमूल द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय को सभी पक्षों की दलीलों पर शीघ्रता से निर्णय लेने का निर्देश दिया।
यह याचिका कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम राहत देने से इनकार करने के खिलाफ दायर की गई थी।
तृणमूल कांग्रेस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शीर्ष अदालत से तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय वाले परिसर से पार्टी का होर्डिंग/साइनबोर्ड हटाए जाने से संबंधित मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
हालांकि, पीठ ने सभी पक्षों को अपनी-अपनी दलीलें कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष रखने की स्वतंत्रता प्रदान की और तृणमूल की याचिका का निपटारा कर दिया।
यह विवाद कोलकाता नगर निगम द्वारा पुलिस की मदद से दक्षिण कोलकाता के 9, कैमैक स्ट्रीट स्थित भवन से तृणमूल कांग्रेस का कथित रूप से अनधिकृत साइनबोर्ड/होर्डिंग हटाए जाने से संबंधित है।
इससे पहले, 28 अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कथित अनधिकृत साइनबोर्ड/होर्डिंग को हटाए जाने को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस की याचिका पर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया था।
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी ने कहा था कि दक्षिण कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट परिसर से साइनबोर्ड/होर्डिंग पहले ही केएमसी द्वारा हटाया जा चुका है, ऐसे में फिलहाल इस मुद्दे पर कोई अंतरिम संरक्षण देने की गुंजाइश नहीं है।
भाषा खारी वैभव
वैभव