कोलकाता में तृणमूल नेताओं ने ईवीएम स्ट्रांगरूम के बाहर धरना दिया

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कोलकाता में तृणमूल नेताओं ने ईवीएम स्ट्रांगरूम के बाहर धरना दिया

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  • Publish Date - April 30, 2026 / 10:47 PM IST,
    Updated On - April 30, 2026 / 10:47 PM IST

(तस्वीर सहित)

कोलकाता, 30 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और मतदान एजेंट से ईवीएम स्ट्रांगरूम की चौबीसों घंटे निगरानी करने की अपील किए जाने के बाद पार्टी उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा ने बृहस्पतिवार को खुदीराम अनुशीलन केंद्र में अनियमित गतिविधियों का आरोप लगाते हुए वहां धरना दिया।

यह प्रदर्शन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के एक दिन बाद हुआ। मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) खुदीराम अनुशीलन केंद्र में बनाए गए स्ट्रांगरूम में रखी गई हैं।

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने केंद्र में मतदान सामग्री में छेड़छाड़ से संबंधित आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी प्रक्रियाओं का विधिवत पालन किया गया और स्ट्रांगरूम सुरक्षित हैं।

इस बीच, ममता बृहस्पतिवार को भवानीपुर के स्ट्रांगरूम पहुंचीं और ईवीएम में छेड़छाड़ और धांधली का आरोप लगाया।

तृणमूल नेताओं ने प्रक्रियागत खामियों का आरोप लगाते हुए दावा किया कि स्ट्रांगरूम के बाहर तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं को दोपहर में वहां से चले जाने के लिए कहा गया और बाद में उन्हें यह जानकारी मिली कि स्ट्रांगरूम शाम चार बजे फिर से खोला जाएगा।

घोष ने कहा, “पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अपराह्न 3:30 बजे तक स्ट्रांगरूम के बाहर मौजूद थे। अचानक एक ईमेल आया, जिसमें बताया गया कि स्ट्रांगरूम शाम चार बजे फिर से खोला जाएगा। हमने अपने कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और उन्होंने कहा कि वे जा चुके हैं। इसके बाद हम तुरंत वहां पहुंचे। अब हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं को बुलाया जा रहा है।”

बेलेघाटा से तृणमूल उम्मीदवार घोष ने प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लाइव स्ट्रीमिंग में स्ट्रांगरूम के अंदर की गतिविधियां दिखाई दे रही थीं।

उन्होंने कहा, “मतपत्र अंदर ले जाए जा रहे हैं। फिर भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कह रहे हैं कि कुछ नहीं हो रहा है। अगर डाक मतपत्रों से जुड़ी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं, तो वे आए कहां से? अगर ईमेल भेजा गया था, तो हमें सूचित क्यों नहीं किया गया?”

श्यामपुकुर से पार्टी प्रत्याशी पांजा ने भी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, “स्ट्रांगरूम बेहद संवेदनशील होता है। अगर इसे खोला जाता है, तो सभी राजनीतिक दलों को सूचित किया जाना चाहिए। किसी को सूचित क्यों नहीं किया गया?”

इससे पहले दिन में एक वीडियो संदेश में ममता ने पार्टी नेताओं, उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से मतगणना के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने और स्ट्रांगरूम की गतिविधियों पर करीबी नजर रखने का आग्रह किया था।

तृणमूल सुप्रीमो ने कहा था, “आपको मतगणना केंद्रों की निगरानी करनी होगी। जरूरत पड़ने पर मैं भी अपने क्षेत्र में निगरानी के लिए जाऊंगी। उम्मीदवारों को अपने केंद्रों की निगरानी खुद करनी होगी। सतर्क रहें। अगर मैं कर सकती हूं, तो आप भी कर सकते हैं। ईवीएम मशीन को ले जाते समय उन्हें बदलने की योजना है। इसे हल्के में न लें।”

तृणमूल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इस “घटनाक्रम” को “दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या” बताया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर चुनाव प्रक्रिया के दौरान मतपेटियों और ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने के लिए निर्वाचन आयोग के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।

पार्टी ने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति के बिना मतपेटियों को खोला जा रहा है और यह “घोर चुनावी धोखाधड़ी” है।

तृणमूल ने आरोप लगाया कि मतदाताओं को डराने-धमकाने, मतदाता सूची से उनके नाम हटाने और केंद्रीय बलों के दुरुपयोग जैसे प्रयास विफल रहे, जिसके कारण भाजपा को ईवीएम में छेड़छाड़ जैसे “हताशापूर्ण उपायों” का सहारा लेना पड़ रहा है।

पार्टी ने कहा, “सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि भाजपा कैसे निर्वाचन आयोग के साथ सक्रिय मिलीभगत के जरिये राजनीतिक दलों के किसी भी अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति के बिना मतपेटियों को खोल रही है। यह घोर चुनावी धोखाधड़ी है, जो निर्वाचन आयोग की पूरी जानकारी और संरक्षण में खुलेआम की जा रही है।”

तृणमूल ने कहा, “उन्होंने (भाजपा) हर तरह की गंदी चाल चली, नाम मिटाने की कोशिश की, मतदाताओं को डराया-धमकाया, केंद्रीय बलों का आतंक फैलाया, धन की बाढ़ ला दी, लेकिन बुरी तरह नाकाम रहे। अब हताशा में आकर वे ईवीएम के साथ छेड़छाड़ पर उतर आए हैं। लेकिन बंगाल महाराष्ट्र, दिल्ली या बिहार नहीं है। हम चुपचाप बैठकर उन्हें हमारे लोकतंत्र को लूटते हुए नहीं देखेंगे।”

निर्वाचन आयोग ने केंद्र में मतदान सामग्री को अपने हिसाब से प्रबंधित करने से संबंधित आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि सभी प्रक्रियाओं का विधिवत पालन किया गया और स्ट्रांगरूम सुरक्षित हैं।

आयोग के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “खुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर विधानसभा क्षेत्रवार सात स्ट्रांगरूम हैं, जिनमें से सभी को मतदान पूरा होने के बाद उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंट और सामान्य पर्यवेक्षक की उपस्थिति में बंद कर दिया गया है और सील कर दिया गया है।”

उन्होंने कहा कि अंतिम स्ट्रांगरूम को बृहस्पतिवार तड़के करीब 5:15 बजे सील कर दिया गया।

अधिकारी ने अनियमितता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “सभी स्ट्रांगरूम को सुरक्षित रूप से सील कर दिया गया है।”

निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसी परिसर के भीतर एक अलग स्ट्रांगरूम डाक मतपत्रों के लिए निर्धारित किया गया है, जहां विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से मतपत्रों को संग्रहीत किया गया है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र प्रणाली (ईटीबीपीएस) के माध्यम से प्राप्त मतपत्र भी शामिल हैं।

आयोग ने कहा, “हमने सभी पर्यवेक्षकों और निर्वाचन अधिकारियों (आरओ) को सूचित कर दिया था और आरओ से अनुरोध किया था कि वे उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को तदनुसार सूचित करें। आरओ ने भी ईमेल के माध्यम से राजनीतिक दलों को सूचित कर दिया था।”

कथित वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधि के बारे में निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि “निर्धारित प्रक्रिया के हिस्से के रूप में शाम चार बजे से स्ट्रांगरूम के बाहर गलियारे में मतपत्रों को अलग करने का काम किया जा रहा था।”

उन्होंने कहा कि सभी स्ट्रांगरूम को सुरक्षित रूप से सील कर दिया गया है और पांजा, घोष तथा भाजपा के एक प्रतिनिधि सहित विभिन्न प्रतिनिधियों को सभी व्यवस्थाएं दिखाई गईं।

आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया गया है। उसने जनता से आग्रह किया कि वह सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सामग्री से गुमराह न हो।

देर शाम को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर जमा हो गए और ‘जय बांग्ला’ तथा ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने लगे। कुछ ही देर बाद, पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी मौके पर पहुंची और भीड़ को तितर-बितर कर दिया।

उधर, बनर्जी भवानीपुर के स्ट्रांगरूम पहुंचीं और ईवीएम में छेड़छाड़ और धांधली का आरोप लगाया।

ममता दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचीं, जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का मतगणना केंद्र है और जहां 29 अप्रैल को हुए मतदान की ईवीएम को सहेजने के लिए स्ट्रांगरूम बनाया गया है।

मुख्यमंत्री शहर में हो रही मूसलाधार बारिश की परवाह किए बिना शाम को स्ट्रांगरूम स्थल पर पहुंचीं और अंतिम समाचार प्राप्त होने तक वह अंदर ही रुकी हुई थीं।

भाषा पारुल वैभव

वैभव