कोलकाता, 31 अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता डेरेक ओब्रायन पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय के बाहर पिछले सप्ताह हुई झड़प के मामले में कोलकाता पुलिस के समक्ष सोमवार को पेश नहीं हुए। उनके वकीलों ने पुलिस को पत्र भेजकर समन की वैधता पर सवाल उठाया।
ओब्रायन को 27 अगस्त को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) द्वारा परिसर से कथित तौर पर अनधिकृत होर्डिंग हटाने के दौरान हुई झड़प के सिलसिले में पूछताछ के लिए सोमवार दोपहर शेक्सपियर सरनी थाने में पेश होने के लिए समन भेजा गया था।
ओब्रायन के वकीलों के अनुसार उन्होंने पुलिस से कहा कि समन ‘‘नियमों के अनुरूप नहीं है’’ और इसलिए तृणमूल सांसद सोमवार को जांच अधिकारी के समक्ष पेश नहीं होंगे।
यह घटनाक्रम पुलिस द्वारा रविवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी को इसी घटना के संबंध में मंगलवार को पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस दिए जाने के एक दिन बाद सामने आया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेक्सपियर सरनी थाने के तीन अधिकारियों की एक टीम रविवार सुबह प्रिंस अनवर शाह रोड स्थित ओब्रायन के आवास पर नोटिस देने पहुंची थी। सांसद के घर पर मौजूद नहीं होने के कारण उनके कर्मचारियों ने उनके निर्देश पर समन स्वीकार किया।
पुलिस ने शनिवार शाम को भी नोटिस देने का प्रयास किया था।
ओब्रायन को समन कथित तौर पर सामने आए सीसीटीवी फुटेज के बाद भेजा गया है, जिसमें उन्हें नगर निगम की कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों को कैमक स्ट्रीट स्थित परिसर में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास करते हुए देखा गया।
पुलिस ने घटना के संबंध में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनमें हमला, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और दंगा करने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी को भेजा गया समन इनमें से दो मामलों से संबंधित है।
भाषा मनीषा वैभव
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