नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को संसद में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले का मुद्दा उठाया और इस घटना, पार्टी कार्यकर्ता की मौत तथा प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ कथित बल प्रयोग पर तत्काल चर्चा की मांग की। पार्टी के एक सांसद ने यह जानकारी दी।
सांसद ने बताया कि हालांकि पार्टी को यह मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी गई।
राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक ने कहा कि पार्टी ने चर्चा के लिए कामकाज स्थगित करने की मांग करते हुए नियम 267 के तहत नोटिस दिया था लेकिन राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने इसकी अनुमति नहीं दी।
नोटिस में रविवार को ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले का उल्लेख किया गया था।
ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में पुलिस हिरासत में मारे गए तृणमूल कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने जा रही थीं, तभी यह घटना हुई थी।
प्रदर्शनकारियों ने ममता के वाहन को कथित तौर पर घेर लिया, ‘‘चोर’’ के नारे लगाए और काफिले पर कीचड़, चप्पल तथा पथराव किया।
इस मुद्दे पर सोमवार सुबह विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में भी चर्चा हुई।
बैठक में तृणमूल की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने विपक्षी नेताओं को घटना और ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले की जानकारी दी।
हक ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने आज (सोमवार) सुबह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिया था, लेकिन (राज्यसभा के) सभापति ने इसकी अनुमति नहीं दी। दोपहर 12 बजे भी उन्होंने इसकी अनुमति नहीं दी।’’
उन्होंने कहा कि भोजनावकाश के बाद की बैठक में जब उन्हें बैंक संबंधित विधेयक पर बोलने के लिए बुलाया गया, तब उन्होंने दोबारा यह मुद्दा उठाने की कोशिश की लेकिन उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया और उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई।
सांसद ने कहा कि इसके बाद विपक्षी दलों ने सदन से बहिर्गमन किया।
भाजपा ने ममता बनर्जी के काफिले से जुड़ी घटना में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने हमले की निंदा की जबकि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शन पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ लोगों के गुस्से को दर्शाता है।
शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को केओट के परिवार से मुलाकात की और उनकी मौत की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कर रहे अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
भाषा जितेंद्र माधव
माधव