तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद जबरन वसूली मामले में पश्चिम बंगाल सीआईडी के सामने पेश हुए

तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद जबरन वसूली मामले में पश्चिम बंगाल सीआईडी के सामने पेश हुए

तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद जबरन वसूली मामले में पश्चिम बंगाल सीआईडी के सामने पेश हुए
Modified Date: September 22, 2026 / 04:20 pm IST
Published Date: September 22, 2026 4:20 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

कोलकाता, 22 सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद कथित उगाही और डराने-धमकाने के मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को पश्चिम बंगाल के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के जांचदल के सामने पेश हुए।

भवानी भवन में सीआईडी मुख्यालय के बाहर पूर्व क्रिकेटर आजद ने पत्रकारों से कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

उन्होंने दावा किया, ‘‘मुझे राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया है। मुझे परेशान करने की कोशिश की जा रही है।’’

यह मामला एक व्यापारी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। व्यापारी ने आरोप लगाया है कि मई 2025 में उसे दुर्गापुर में आज़ाद के बंगले पर बुलाया गया था, जहां सांसद के एक सहयोगी ने कथित तौर पर उससे 15 लाख रुपये की मांग की थी।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे धमकी दी गयी कि यदि उसने पैसे नहीं दिये तो रानीगंज में रसोईगैस का उसका कारोबार बंद करा दिया जायेगा।

कथित घटना के लगभग 15 महीने बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

इसके बाद यह मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां सीआईडी ने आरोपों से जुड़ी ऑडियो क्लिप पेश कीं।

उच्च न्यायलय ने कहा कि उसके सामने पेश किए गए सबूतों से आरोपों के लिए शुरुआती तौर पर कोई मज़बूत आधार नहीं मिलता है। उच्च न्यायालय ने आज़ाद को छह महीने के लिए गिरफ़्तारी से सुरक्षा दी और उन्हें सीआईडी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।

आज़ाद का कहना है कि कथित घटना वाले दिन वह दुर्गापुर में नहीं थे और उन्होंने अपनी बात साबित करने के लिए अदालत में हवाई यात्रा के रिकॉर्ड भी पेश किए थे।

उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि अगर सीआईडी को पूछताछ के लिए आजाद की ज़रूरत हो, तो उन्हें कम से कम सात दिन का नोटिस या तय समय-सीमा के भीतर नोटिस दिया जाना चाहिए।

आज़ाद ने कहा, ‘‘हम जांच में सहयोग करेंगे और जांच अधिकारियों के सामने सभी तथ्य रखेंगे।’’

सीआईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आज़ाद से उच्च न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक पूछताछ की जा रही थी और एजेंसी जांच के हिस्से के तौर पर सभी ज़रूरी चीज़ों की जांच करेगी।

भाषा

राजकुमार मनीषा

मनीषा


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