चक्रवात ‘अम्फान’ से निपटने के लिए दी राहत राशि को तृणमूल ने हड़प लिया: शाह

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चक्रवात ‘अम्फान’ से निपटने के लिए दी राहत राशि को तृणमूल ने हड़प लिया: शाह

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  • Publish Date - March 23, 2021 / 09:21 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:38 PM IST

गोसाबा (पश्चिम बंगाल), 23 मार्च (भाषा) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधते हुए उन पर सुंदरबन क्षेत्र में चक्रवात ‘अम्फान’ से निपटने के लिए भेजी राशि को ‘‘हड़पने’’ का आरोप लगाया।

शाह ने तृणमूल कांग्रेस पर ‘‘पैसे खाने’’ का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘ ‘भतीजा एंड कम्पनी’ ने चक्रवात ‘अम्फान’ से निपटने के लिए केन्द्र द्वारा भेजा पैसा हड़प लिया। ’’

शाह ने कहा कि भाजपा अगर सत्ता में आई तो कथित राहत राशि हड़पने के मामले की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।

गृह मंत्री ने यहा एक रैली में कहा, ‘‘ केन्द्र सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए राहत राशि भेजी थी। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नेता उसे हड़प गए और उसे जनता तक नहीं पहुंचने दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ अगर हम सत्ता में आए तो, भाजपा राहत राशि के वितरण को लेकर हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक समिति का गठन करेगी। भ्रष्टाचार में शामिल सभी लोगों को जेल भेजा जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ केन्द्र ने ‘अम्फान’ से निपटने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की राहत राशि दी थी। क्या आपको एक रुपया भी मिला? सारा पैसा कहां गया? ‘भतीजा एंड कम्पनी’ ने चक्रवात ‘अम्फान’ से निपटने के लिए केन्द्र द्वारा भेजा सारा पैसा हड़प लिया।’’

शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर ‘‘केन्द्र की योजनाएं राज्य में लागू ना करने देने’’ को लेकर भी निशाना साधा।

शाह ने आरोप लगाया कि बनर्जी जनता की बजाय केवल अपने भतीजे की भलाई के लिए काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ ममता दीदी भतीजे को मुख्यमंत्री बनाने में लगी हुई हैं। क्या आप उनके भतीजे को मुख्यमंत्री बनता देखना चाहते हैं? अगर नहीं तो भाजपा को वोट दें।’’

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा, सत्तारूढ़ तृणमूल के ‘‘गुंडों और सिंडिकेट’’ का सामना करने को तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमें तृणमूल के इस सिंडिकेट शासन को खत्म करना है। हम इस संस्कृति को खत्म करेंगे।’’

पश्चिम बंगाल की 294 की सदस्यीय विधानसभा के लिए 27 मार्च से लेकर 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में मतदान होगा। मतगण्ना दो मई को की जाएगी।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा