त्रिपुरा: दो उग्रवादी संगठनों ने रेल-सड़क मार्ग बंद किये, पैकेज को लागू करने की मांग

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त्रिपुरा: दो उग्रवादी संगठनों ने रेल-सड़क मार्ग बंद किये, पैकेज को लागू करने की मांग

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  • Publish Date - June 12, 2026 / 02:41 PM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 02:41 PM IST

अगरतला, 12 जून (भाषा) पश्चिम त्रिपुरा जिले में दो उग्रवादी संगठनों के सदस्यों ने शुक्रवार को 72 घंटे का रेल-सड़क बंद शुरू किया।

दो साल पहले शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले इन संगठनों के सदस्यों ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित 250 करोड़ रुपये के पुनर्वास पैकेज को लागू करने की मांग की।

एक अधिकारी ने बताया कि नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स द्वारा किए गए इस बंद के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही व ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं।

नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा के नेता प्रसनजीत देबबर्मा ने पश्चिम त्रिपुरा जिले के हताई कतार में पत्रकारों से कहा, “कल (बृहस्पतिवार) हमारी आदिवासी कल्याण मंत्री विकास देबबर्मा के साथ बैठक हुई थी जिसमें कुछ सकारात्मक नतीजे निकले लेकिन दो अहम मांगें पूरी नहीं हुईं जिसके कारण हमें रेल-सड़क बंद अभियान शुरू करना पड़ा।”

उन्होंने दावा किया कि सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के लिए पुनर्वास पैकेज को लागू करने के लिए एक एजेंसी को काम पर लगाया है जो ‘शांति समझौते की मुख्य भावना का उल्लंघन है’।

सितंबर 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में केंद्र, त्रिपुरा सरकार और दो संगठनों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।

देबबर्मा ने कहा, “पुनर्वास पैकेज के तहत लाभ देने के लिए हमारे सदस्यों के विवरण की जांच प्रक्रिया बहुत धीमी है। हमने इस प्रक्रिया में जल्द से जल्द तेजी लाने की मांग की।”

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से संगठनों की मांगों पर विचार करने की अपील की क्योंकि नाकेबंदी से लोगों को परेशानी होती है।

उन्होंने कहा, “हम अपनी लंबित समस्या के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकार से बातचीत का इंतजार कर रहे हैं।”

ट्रेन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं जबकि असम-अगरतला और अगरतला-कमलपुर राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई।

भाषा जितेंद्र नरेश

नरेश