टीटीडी की गोशाला में दान किए गए घोड़े की बीमारी के कारण मौत

टीटीडी की गोशाला में दान किए गए घोड़े की बीमारी के कारण मौत

टीटीडी की गोशाला में दान किए गए घोड़े की बीमारी के कारण मौत
Modified Date: July 19, 2026 / 11:28 am IST
Published Date: July 19, 2026 11:28 am IST

तिरुपति, 19 जुलाई (भाषा) तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की श्री वेंकटेश्वर गोसंरक्षण शाला को हाल में दान में मिले घोड़े की बीमारी के कारण मौत हो गई।

यह घोड़ा 13 जुलाई को गोशाला में आने के तुरंत बाद से ही पृथकवास में था, तथा उसके रक्त तथा गोबर के नमूने तिरुपति की राज्य पशु रोग निदान प्रयोगशाला में भेजे गए थे।

मंदिर संस्था द्वारा शनिवार देर रात जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में एसवी गोशाला के निदेशक ए वी एन शिवकुमार ने कहा, ‘‘पशु चिकित्सकों द्वारा तमाम चिकित्सा प्रयासों और निरंतर निगरानी के बावजूद घोड़े ने शनिवार को दम तोड़ दिया।’’

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह पशु लिवर और किडनी संबंधी बीमारियों से ग्रस्त था।

उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही घोड़े में बीमारी के लक्षण दिख रहे थे। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर घोड़े को आवश्यक उपचार तथा विशेष देखभाल प्रदान की गई।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि दानकर्ता एवं मदुरै के वाडिवेलु मुगंदन शनिवार को एसवी गोशाला आए थे और घोड़ा की मौत के समय वहीं मौजूद थे।

शिवकुमार ने कहा कि मृत्यु के सटीक कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम किया गया है, और विस्तृत प्रयोगशाला विश्लेषण के लिए आवश्यक नमूने भेज दिए गए हैं।

श्री वेंकटेश्वर पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम ने पोस्टमार्टम किया।

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रारंभिक निष्कर्षों से पता चला है कि घोड़ा लिवर, हृदय और किडनी संबंधी बीमारियों से ग्रस्त था, जबकि मृत्यु के सटीक कारण की पुष्टि अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही होगी।

टीटीडी, तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर की आधिकारिक संरक्षक संस्था है, जिसे दुनिया का सबसे धनी हिंदू मंदिर माना जाता है।

भाषा खारी रंजन

रंजन


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