तुर्कमान गेट हिंसा: दिल्ली की अदालत ने 12 आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
तुर्कमान गेट हिंसा: दिल्ली की अदालत ने 12 आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने तुर्कमान गेट में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास तोड़फोड़ अभियान के दौरान पथराव की घटना के 12 आरोपियों की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भूपिंदर सिंह ने बृहस्पतिवार को मामले में आरोपियों की अंतिम दलीलें सुनीं और 16 फरवरी के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया।
जमानत का अनुरोध करने वाले 12 आरोपियों में मोहम्मद कैफ, मोहम्मद काशिफ, मोहम्मद उबैदुल्ला, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद अदनान, समीर हुसैन, मोहम्मद नावेद, मोहम्मद अतहर, मोहम्मद अरीब, मोहम्मद आदिल, आमिर हमजा और अदनान हैं।
आरोपियों में से एक के फोन पर पाए गए ‘भड़काऊ संदेशों’ का जिक्र करते हुए वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने केवल संदेशों को आगे भेजा था, लेकिन उसने क्लिप या संदेशों को तैयार नहीं किया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अभियोजन ने बाद में ‘कहानी में हेरफेर’ किया क्योंकि ‘भड़काऊ संदेश’ प्राथमिकी में कभी शामिल नहीं किए गए, जबकि पुलिस के पास उनके उपकरण काफी समय तक थे।
अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने बचाव पक्ष के वकील द्वारा आरोपी को ‘‘सिर्फ एक संदेश भेजने’’ के लिए बरी करने के संबंध में प्रस्तुत दलीलों का खंडन किया और कहा कि आपराधिक साजिश और आश्रय देने में स्पष्ट अंतर है।
उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर पुलिसकर्मी दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर अपना कर्तव्य निभाने के लिए वहां गए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर ऐसा आदेश पारित होने के बाद पुलिस ने आपसे हटने के लिए कहा और आपने हटने से इनकार कर दिया, तो यह माना जाएगा कि आप इसमें (अशांति में) शामिल थे।’’
मोहम्मद इमरान के बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि घटना के समय वह अपने घर से बाजार के लिए निकला था और बाजार से हाथों में बैग लेकर थोड़े अंतराल के बाद वापस आने का सीसीटीवी सबूत है। उन्होंने कहा, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह उस समय घटना स्थल पर पत्थर फेंक रहा था।
मामला छह और सात जनवरी की दरमियानी रात को रामलीला मैदान इलाके में मस्जिद के पास अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा से संबंधित है। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई कि तुर्कमान गेट के सामने स्थित मस्जिद को ध्वस्त किया जा रहा है, जिससे लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
आरोप है कि करीब 150-200 लोगों ने पुलिस और एमसीडी कर्मियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी, जिससे इलाके के थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
भाषा आशीष प्रशांत
प्रशांत

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