मणिपुर के घाटी जिलों में एनआरसी की मांग को लेकर दो दिवसीय हड़ताल से जनजीवन प्रभावित

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मणिपुर के घाटी जिलों में एनआरसी की मांग को लेकर दो दिवसीय हड़ताल से जनजीवन प्रभावित

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 01:38 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 01:38 PM IST

इंफाल, 18 अगस्त (भाषा) मणिपुर के पांच घाटी जिलों में दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बाजार और शिक्षण संस्थान बंद रहे तथा सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहा। यह हड़ताल एक छात्र संगठन ने जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी लागू करने की मांग को लेकर बुलाई है।

हालांकि, सोमवार आधी रात से ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फ्री डिलिमिटेशन’ (जेएफडी) द्वारा बुलाई गई हड़ताल का चुराचांदपुर सहित पहाड़ी जिलों में कोई असर नहीं पड़ा।

इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर में सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। सड़कों पर कुछ निजी वाहन दिखाई दिए। शिक्षण संस्थान बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन भी सड़कों से नदारद रहा।

घाटी के विभिन्न जिलों में हड़ताल समर्थकों ने जगह-जगह बांस के खंभे और बड़े पत्थर रखकर सड़कें अवरुद्ध कर दीं। उन्होंने इंफाल पूर्व जिले के कोंगबा बाजार में कुछ सब्जी विक्रेताओं को अपना सामान समेटने के लिए भी मजबूर किया।

थौबल के अथोकपाम में प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच टायर जलाए और “एनआरसी नहीं, जनगणना नहीं” जैसे नारे लगाए।

जनगणना 2027 के स्व-गणना चरण की शुरुआत 17 अगस्त से हुई। वहीं, मुख्य मकान-सूचीकरण अभियान इस वर्ष एक सितंबर से 30 सितंबर तक चलाया जाना है।

जनगणना से पहले मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक पंजी लागू करने की मांग को लेकर छात्रों ने रविवार को इंफाल स्थित जनगणना संचालन निदेशालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने 16 अगस्त की शाम मशाल जुलूस भी निकाला। उन्होंने राज्य में किसी भी जनगणना गतिविधि से पहले अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए राष्ट्रीय नागरिक पंजी लागू करने की मांग की।

भाषा तान्या मनीषा गोला

गोला