फिलीपीन में छात्र ने सहपाठी की हत्या के बाद खुदकुशी की, घटना की ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ की: अधिकारी

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फिलीपीन में छात्र ने सहपाठी की हत्या के बाद खुदकुशी की, घटना की ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ की: अधिकारी

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 01:54 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 01:54 PM IST

मनीला, 18 अगस्त (एपी) दक्षिणी फिलीपीन के एक माध्यमिक स्कूल परिसर में दो पिस्तौल लेकर पहुंचे छात्र ने अपने एक सहपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुदकुशी कर ली। आरोपी छात्र बॉडी कैमरा पहने हुए था जिसकी मदद से उसने घटना की ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ भी की। पुलिस और शहर के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

फिलीपीन में महज दो महीने में स्कूल में गोलीबारी की यह दूसरी घटना है।

दक्षिणी बंदरगाह शहर जाम्बोआंगा में एटेनिओ डी जाम्बोआंगा विश्वविद्यालय परिसर में माध्यमिक स्कूल की इमारत में गोलीबारी की घटना के बाद सैकड़ों छात्रों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

पुलिस और शहर के अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में दो अन्य लोग घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि संदिग्ध की पहचान नौवीं कक्षा के छात्र मोहम्मद माएल जलानी के तौर पर की गई है। उसने कक्षा में बैठे एक शिक्षक पर गोली चलाई, लेकिन वह चूक गया।

पुलिस की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद उसने इमारत की चौथी मंजिल पर एक छात्र को गोली मारी और फिर एक मंजिल ऊपर जाकर खुदकुशी कर ली।

गृह सचिव जॉनविक रेमुल्ला ने पत्रकारों को बताया, ‘‘वह अंदर घुसा और अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें चौथी मंजिल पर 10वीं कक्षा का एक छात्र घायल हो गया। इसके बाद वह पांचवीं मंजिल पर गया और वहां से नीचे कूदकर आत्महत्या कर ली।’’

रेमुल्ला ने कहा, ‘‘उसने सीढ़ियां चढ़ते समय से ही ‘फेसबुक लाइव’ किया था और घटना की लाइव स्ट्रीमिंग की थी। हालांकि उसमें केवल कुछ ही अंश थे। हम उसके ऑनलाइन गेम और ‘चैट हिस्ट्री’ की जांच करेंगे। इसलिए जब तक पूरी फॉरेंसिक जांच नहीं हो जाती तब तक हम यह पूरी तरह नहीं बता सकते कि ऐसा क्यों हुआ।’’

जाम्बोआंगा शहर के मेयर खाइमर अदन ओलासो ने कहा कि पुलिस ने पहले बताया था कि संदिग्ध ने खुद को गोली मारी है।

जिस माध्यमिक स्कूल की इमारत में यह घटना हुई वह एक अत्यंत सुरक्षित परिसर में स्थित है। संबंधित परिसर बंदरगाह शहर जाम्बोआंगा में स्थित कैथोलिक विश्वविद्यालय के उस बड़े परिसर से अलग है जहां उसके महाविद्यालय और व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित होते हैं।

गोलीबारी के कुछ घंटों बाद पुलिस ने कहा कि हालात काबू में हैं। इसने छात्रों के माता-पिता और अभिभावकों से शांत रहने तथा बच्चों को ले जाने के लिए स्कूल की सलाह और निर्देशों का पालन करने को कहा।

पुलिस प्रमुख जोस मेलेंसियो नार्टाटेज जूनियर ने कहा, ‘‘अधिकारी फिलहाल घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि पुलिस जरूरत के मुताबिक सत्यापित जानकारी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने लोगों से अपुष्ट खबरें, तस्वीरें या वीडियो साझा करने से बचने की अपील की जिनसे बेवजह चिंता पैदा हो सकती है।

नार्टाटेज ने कहा, ‘‘पुलिस लोगों को आश्वस्त करती है कि स्कूल समुदाय की सुरक्षा और उनका कल्याण हमारी प्राथमिकता बनी रहेगी। हम स्कूल प्रशासन, माता-पिता, अभिभावकों और समुदाय का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने अधिकारियों की जांच के दौरान धैर्य, सहयोग और समझदारी का परिचय दिया।’’

गोलीबारी की यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पुलिस ने भरोसा दिलाया था कि देश भर के स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। इससे पहले जून में सेंट्रल टैकलोबन शहर में हुई गोलीबारी में माध्यमिक स्कूल के तीन छात्रों की मौत हो गई थी और कम से कम 20 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने उस गोलीबारी को अंजाम देने के आरोप में 14 और 15 साल के दो छात्रों को गिरफ्तार किया था।

फिलीपीन में बंदूक के इस्तेमाल से जुड़े अपराध की घटनाएं आम हैं। इसकी एक वजह बिना लाइसेंस वाले हथियारों की बढ़ती संख्या है, हालांकि स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं अपेक्षाकृत कम होती हैं।

कुछ दिन पहले टैकलोबन शहर में एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना के बाद फिलीपीन के अधिकारियों ने कहा था कि उन्होंने एक ऑनलाइन गेमिंग ऐप को कुछ समय के लिए ‘ब्लॉक’ कर दिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस तरह की हिंसा को बढ़ावा देने में इसकी कोई भूमिका थी या नहीं।

साइबर अपराध जांच एवं समन्वय केंद्र ने कहा कि ‘गोरबॉक्स’ ऐप को अनिश्चित काल के लिए ‘ब्लॉक’ करने का फैसला पुलिस की मौजूदा जांच के बाद लिया गया था। जांच में सामने आया था कि एक आरोपी इस ऐप का नियमित उपयोगकर्ता था।

फिलीपीन में हुई यह गोलीबारी थाईलैंड में एक स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना के दो सप्ताह से भी कम समय बाद हुई है।

बैंकॉक के पास नोंथाबुरी प्रांत में 14 साल के लड़के द्वारा अपने दादा-दादी, स्कूल के पांच कर्मचारियों और 12 साल की लड़की की हत्या किए जाने की घटना के बाद थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में बंदूकों पर नियंत्रण कड़ा करने के लिए कदम उठाए हैं।

एशिया में थाईलैंड में बंदूक रखने की दर पाकिस्तान के बाद दूसरे स्थान पर है और यह उसके दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसी देशों की तुलना में काफी अधिक है।

एपी सुरभि मनीषा

मनीषा