दिल्ली के दो सरकारी अस्पतालों को एक्यूएएस का प्रमाणन मिला

दिल्ली के दो सरकारी अस्पतालों को एक्यूएएस का प्रमाणन मिला

दिल्ली के दो सरकारी अस्पतालों को एक्यूएएस का प्रमाणन मिला
Modified Date: May 25, 2026 / 10:00 pm IST
Published Date: May 25, 2026 10:00 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) दिल्ली के लोक नायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एक्यूएएस) का प्रमाणन प्राप्त हुआ है। एक बयान में यह जानकारी दी गई है।

बयान में कहा गया है कि एलएनजेपी देश का पहला 2,000 बिस्तरों वाला सरकारी अस्पताल बन गया है जिसे यह प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

इसके मुताबिक, एलएनजेपी अस्पताल ने राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन प्रक्रिया में 95.89 फीसदी अंक हासिल किए, जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल ने 96.72 प्रतिशत अंक लाकर बेहतरीन प्रदर्शन किया।

बयान में कहा गया है कि एलएनजेपी और पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल एक्यूएएस ढांचे के अंतर्गत प्रतिष्ठित ‘गुणवत्ता प्रमाणित’ मान्यता प्रदान की गई है।

इसमें कहा गया है कि यह प्रमाणन स्वास्थ्य सेवा के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिखाई गई उत्कृष्टता के आधार पर दिया गया है, जिनमें ओपीडी सेवाएं, आईसीयू सुविधाएं, ब्लड बैंक, प्रसव कक्ष, रेडियोलॉजी, प्रयोगशाला, आपातकालीन देखभाल, मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और कई अन्य क्लिनिकल और सहायक विभाग शामिल हैं।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा, ‘‘पिछली सरकार के विपरीत हम खोखले वादों के बजाय काम करने में विश्वास रखते हैं। वर्षों तक दूरदर्शिता, जवाबदेही और सार्थक सुधारों की कमी के कारण दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को नुकसान उठाना पड़ा।”

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पताल स्वास्थ्य सेवा वितरण में वैश्विक मानदंडों की तरफ लगातार अग्रसर हैं, जिसमें बेहतर सफाई, चिकित्सा के मजबूत बुनियादी ढांचे और नैदानिक सेवाओं तक पहुंच शामिल है।

एलएनजेपी के बयान में कहा गया है कि अस्पताल ने पिछले कई वर्षों में संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं, वैज्ञानिक स्वच्छता प्रोटोकॉल, बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों और स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों के लिए अनिवार्य संक्रमण रोकथाम प्रशिक्षण सहित कई सुधार लागू किए हैं।

बयान में कहा गया है कि एनक्यूएएस मान्यता से अस्पताल को सालाना दो करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

भाषा नोमान नोमान माधव

माधव


लेखक के बारे में