गुवाहाटी, आठ जून (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को बताया कि वन विभाग में लंबे समय तक सेवा देने के बाद दो अनुभवी हाथियों को ‘सेवानिवृत्त’ कर दिया गया और मानस राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य में उन्हें औपचारिक विदाई दी गई।
अभयारण्य में पांच नए प्रशिक्षित हाथियों को भी सेवा में शामिल किया गया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “सभी नायक वर्दी नहीं पहनते। कुछ जंगलों में चलते हैं। आज मानस बाघ अभयारण्य ने वन्यजीव संरक्षण में वर्षों की समर्पित सेवा के लिए दो अनुभवी हाथियों (प्रमिला और पूर्णिमा) को गार्ड ऑफ ऑनर, पारंपरिक गमछा और औपचारिक विदाई देकर सम्मानित किया।”
उन्होंने कहा, “वे सम्मान के साथ सेवानिवृत्त हो रहे हैं, वहीं पांच नए प्रशिक्षित हाथी हमारे जंगलों और वन्यजीवों की सेवा में अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं।”
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि वन कर्मियों ने मानस राष्ट्रीय उद्यान में वन्यजीव संरक्षण, शिकार-रोधी अभियानों, आवास प्रबंधन, बचाव अभियानों और पर्यावरण पर्यटन गतिविधियों में हाथियों के अमूल्य योगदान का सम्मान किया।
पारंपरिक परिधान से सजाए गए हाथियों को वन क्षेत्र से शिविर परिसर तक ले जाया गया। विदाई समारोह में वन कर्मचारी और संरक्षण कार्यों से जुड़े कर्मी शामिल हुए।
वन विभाग में वर्षों की समर्पित सेवा के सम्मान में सेवानिवृत्त हो रहे हाथियों को विशेष ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।
दोनों हाथियों को वन विभाग के अंतर्गत जीवन भर देखभाल और पशु चिकित्सा सहायता मिलती रहेगी।
नए शामिल किए गए हाथी मनालिसा, राजा, बुबुल, बिजय और बिरशिंग हैं। इन्हें अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में तीन महीने का कठोर प्रशिक्षण दिया गया, जिसके दौरान इन्हें आदेशों, गश्त प्रोटोकॉल और अन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया।
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राखी संतोष
संतोष