अयोध्या में जलमल शोधन को मजबूत करेंगी नमामि गंगे कार्यक्रम की दो परियोजनाएं

अयोध्या में जलमल शोधन को मजबूत करेंगी नमामि गंगे कार्यक्रम की दो परियोजनाएं

अयोध्या में जलमल शोधन को मजबूत करेंगी नमामि गंगे कार्यक्रम की दो परियोजनाएं
Modified Date: August 25, 2026 / 04:53 pm IST
Published Date: August 25, 2026 4:53 pm IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) सरयू नदी के किनारे बसी तीर्थनगरी अयोध्या ने ‘नमामि गंगे’ के तहत 33 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) क्षमता वाले जलमल शोधन संयंत्र और नालों के ‘इंटरसेप्शन और डायवर्जन’ (आई एंड डी) नेटवर्क को पूरा करके साफ पानी के प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने मंगलवार को बताया कि 260 करोड़ रुपये के निवेश से पूरी की गईं इन दो परियोजनाओं का मकसद अशोधित जलमल को सरयू नदी में जाने से रोकना और नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार करना है।

एनएमसीजी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अयोध्या केवल आस्था का शहर नहीं है; अब यह स्वच्छ जल के प्रबंधन का एक उदाहरण भी है।’’

इन परियोजनाओं में शहर के नालों को जोड़ना, रोकना और उनका मार्ग बदलना शामिल है। इन पर काम 2021 में पूरा हो गया था, जिससे गंदे पानी का नदी में सीधा बहाव रुक गया।

इसमें बताया गया कि 2021 में मंज़ूर हुआ 33 एमएलडी क्षमता वाला जलमल शोधन संयंत्र 2025 में चालू हो गया।

एनएमसीजी ने कहा, ‘‘जो पानी पहले बिना शोधन के बहता था, वह अब शोधन के बाद सरयू में पहुंचता है।’’

भाषा वैभव नरेश

नरेश


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