हिमांशु भाऊ गिरोह से जुड़े दो शूटर गिरफ्तार; कारोबारी की हत्या की साजिश नाकाम

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हिमांशु भाऊ गिरोह से जुड़े दो शूटर गिरफ्तार; कारोबारी की हत्या की साजिश नाकाम

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  • Publish Date - July 13, 2026 / 05:43 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 05:43 PM IST

नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने यहां के एक व्यवसायी की लक्षित हत्या को अंजाम देने से पहले हिमांशु भाऊ गिरोह के दो कथित शूटर को पकड़ लिया जिनमें एक नाबालिग है। पुलिस की एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, रोहिणी के रहने वाले व्यवसायी को इस साल मार्च में हिमांशु भाऊ गिरोह से रंगदारी की धमकियां मिली थीं, जिसके बाद अमन विहार थाने में मामला दर्ज किया गया था और उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई थी।

पुलिस ने कहा कि गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद, छह-सात जुलाई की दरमियानी रात को नेहरू विहार के पास एक अभियान के बाद इन दोनों को पकड़ लिया गया।

उत्तर दिल्ली की पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निहारिका भट्ट ने कहा कि आरोपियों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के निवासी प्रदीप उर्फ काली (26) और फतेहाबाद के 17 वर्षीय लड़के के रूप में हुई है।

उनके मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से दो अर्धस्वचालित पिस्तौल और छह कारतूस बरामद किए गए।

पूछताछ के दौरान, किशोर ने कथित तौर पर खुलासा किया कि फरार गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने मोनू नाम के एक सहयोगी के मोबाइल फोन पर उससे संपर्क किया था, जो कथित तौर पर हत्या के कई मामलों में शामिल होने के बाद देश से भाग गया था।

अधिकारी ने कहा, ‘किशोर ने टीम को बताया कि उसे जींद पहुंचने का निर्देश दिया गया था, जहां वह प्रदीप से मिला और रात भर रुका। अगले दिन, दोनों को गिरोह के गुर्गे एक कार में ले गए और उन्होंने उसे एक पिस्तौल सौंपी।’

एडीसीपी ने कहा कि यात्रा के दौरान वाहन बदलने के बाद लखन माजरा टोल प्लाजा के पास प्रदीप को कथित तौर पर एक और हथियार उपलब्ध कराया गया।

आरोपियों ने दावा किया कि लखन माजरा पार करने के बाद, उन्हें दिल्ली की ओर ले जाया गया और मुकरबा चौक के पास छोड़ दिया गया, जहां से वे पैदल नेहरू विहार की ओर चले और वहीं उन्हें गिरोह के अन्य सदस्यों से मिलना था।

हालांकि, भटट् ने कहा कि किसी भी तरह का संपर्क स्थापित होने से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया।

पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे हिमांशु भाऊ के निर्देश पर व्यवसायी की हत्या करने के लिए दिल्ली आए थे और उन्हें हथियार गिरोह के स्थानीय गुर्गों ने उपलब्ध कराए थे।

पुलिस ने कहा कि अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए आगे की जांच चल रही है।

भाषा नोमान

नोमान मनीषा

मनीषा