म्यांमा में चीन संचालित ठगी केंद्र से कर्नाटक के दो युवकों को बचाया गया

म्यांमा में चीन संचालित ठगी केंद्र से कर्नाटक के दो युवकों को बचाया गया

म्यांमा में चीन संचालित ठगी केंद्र से कर्नाटक के दो युवकों को बचाया गया
Modified Date: July 22, 2026 / 01:54 pm IST
Published Date: July 22, 2026 1:54 pm IST

बेंगलुरु, 22 जुलाई (भाषा) कर्नाटक साइबर कमान ने म्यांमा में चीन संचालित एक ठगी केंद्र से दो भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक बचाया है और उन्हें वापस लाया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, प्रवर्तन निदेशालय और म्यांमा स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से यह अभियान चलाया गया।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक के रहने वाले दोनों युवकों को सुरक्षित वापस लाया गया है और वे अपने घर पहुंच गए हैं।

पुलिस के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय के एक उप निदेशक द्वारा साझा की गई विशेष सूचना के आधार पर कर्नाटक साइबर कमान ने तत्काल मामले पर कार्रवाई की।

कर्नाटक साइबर कमान के पुलिस महानिदेशक प्रणब मोहंती ने एक बयान में कहा, “भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के साथ विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और म्यांमा में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क के माध्यम से यह बचाव अभियान पूरा किया गया।”

कर्नाटक साइबर कमान ने युवाओं को दक्षिण-पूर्व एशिया में नौकरी के प्रस्ताव स्वीकार करने से पहले बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर ऐसे प्रस्तावों से सावधान रहने को कहा गया है, जिनमें “आईटी”, “कस्टमर सपोर्ट”, “डेटा एंट्री” या “ऑनलाइन मार्केटिंग” जैसे काम के लिए थाईलैंड, म्यांमा, लाओस या कंबोडिया जाने और अधिक वेतन देने का दावा किया जाता है।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


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