विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर यूडीएफ समर्थित विधायकों में मतभेद

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विजयन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर यूडीएफ समर्थित विधायकों में मतभेद

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  • Publish Date - September 14, 2026 / 03:22 PM IST,
    Updated On - September 14, 2026 / 03:22 PM IST

कन्नूर (केरलम), 14 सितंबर (भाषा) केरलम में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) समर्थित दो निर्दलीय विधायकों ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पर अलग-अलग रुख अपनाया है।

यूडीएफ समर्थित एक विधायक ने इसे ‘इंडिया’ गठबंधन में दरार पैदा करने की ‘‘राजनीति से प्रेरित कोशिश’’ बताया, जबकि दूसरे विधायक ने कहा कि एजेंसी की कार्रवाई को केवल राजनीतिक बताकर खारिज नहीं किया जा सकता, भले ही ईडी का पहले राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल हुआ है।

तलिपरंबा से निर्दलीय विधायक टी. के. गोविंदन ने कहा कि ईडी द्वारा केरलम सरकार से विजयन और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कहा जाना ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस) गठबंधन के सदस्यों के बीच दरार पैदा करने की ‘‘रणनीति’’ है।

माकपा के पूर्व नेता गोविंदन ने ईडी की कार्रवाई को ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ बताते हुए दावा किया कि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘‘गलत मंशा’’ को दर्शाता है।

दूसरी ओर, माकपा के पूर्व नेता वी. कुन्हीकृष्णन ने कहा कि ईडी की यह कार्रवाई राजनीति से प्रेरित नहीं है। कुन्हीकृष्णन भी विधानसभा चुनाव में यूडीएफ के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते थे।

उन्होंने साथ ही कहा कि ईडी ने हालांकि विभिन्न मामलों में राजनीतिक मंशा से हस्तक्षेप किया है।

इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य एवं देवस्वओम मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि गोविंदन माकपा में रहे हैं और उन्होंने अपना रुख नहीं बदला है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ईडी को लेकर हमारा भी यही रुख है। हमने इस मामले का स्वागत नहीं किया है इसलिए टी. के. गोविंदन की टिप्पणी को विवाद बनाने की जरूरत नहीं है। ईडी को लेकर हम सभी का रुख एक जैसा है।’’

पय्यानूर से विधायक कुन्हीकृष्णन ने पत्रकारों से कहा कि यदि माकपा चाहती है कि लोग विजयन के खिलाफ कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित मानें, तो उसे ऐसा स्पष्टीकरण देना होगा जो जनता को संतुष्ट कर सके।

माकपा ने आरोप लगाया है कि ईडी की कार्रवाई पार्टी के भी खिलाफ है। इस संबंध में कुन्हीकृष्णन ने कहा कि यदि इस मामले में संगठन की कोई भूमिका है तो उसे भी कार्रवाई का सामना करना होगा।

ईडी ने केरलम सरकार से कथित ‘कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड’ (सीएमआरएल) रिश्वत मामले में विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है।

कुन्हीकृष्णन ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि विजयन और उनके परिवार के खिलाफ लगाए गए आरोपों और की गई आलोचनाओं को पार्टी नेतृत्व माकपा पर हमला बताकर क्यों पेश कर रहा है।

उन्होंने इस मामले पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की चुप्पी के बारे में कहा कि संभवतः इसकी वजह यह है कि माकपा ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर माकपा चाहती है कि मोर्चे के सदस्य उसका समर्थन करें तो उसे उन्हें संतुष्ट करना होगा।’’

इससे पहले गोविंदन ने ईडी की कार्रवाई पर यूडीएफ के कुछ नेताओं के रुख का स्पष्ट जिक्र करते हुए कहा कि एजेंसी द्वारा अन्य लोगों के खिलाफ की गई ऐसी ही कार्रवाई की आलोचना करना, लेकिन विजयन के खिलाफ कार्रवाई का स्वागत करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई ‘‘पूरी तरह राजनीति से प्रेरित’’ है क्योंकि एजेंसी केंद्र के नियंत्रण में है और उसके ‘‘औजार’’ के रूप में काम करती है।

गोविंदन ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘अगर विजयन की बेटी वीणा टी. ने गलत तरीके से पैसा कमाया है तो इसकी जांच की जाए, लेकिन जांच करने का एक तरीका होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अगर जांच विजयन को फंसाने के उद्देश्य से की जाती है तो एजेंसी अपनी विश्वसनीयता खो रही है।’’

उन्होंने कहा कि ईडी खुद मामला दर्ज कर सकता है तो फिर वह राज्य सरकार से ऐसा क्यों करवाना चाहता है।

गोविंदन ने कहा, ‘‘इसका मकसद ‘इंडिया’ गठबंधन के दो सदस्यों के बीच दरार पैदा करना है। यह भाजपा की गलत मंशा को दर्शाता है।’’

दोनों विधायकों के बीच यह मतभेद ऐसे समय सामने आया है जब भाजपा ने आरोप लगाया है कि सीएमआरएल मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा