‘द्विअर्थी’ टिप्पणी मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, रिहा किये जाएंगे

'द्विअर्थी' टिप्पणी मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, रिहा किये जाएंगे

‘द्विअर्थी’ टिप्पणी मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, रिहा किये जाएंगे
Modified Date: August 4, 2026 / 06:59 pm IST
Published Date: August 4, 2026 6:59 pm IST

चेन्नई, चार अगस्त (भाषा) तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को लोकप्रिय अभिनेत्री तृषा के संदर्भ में कथित ‘‘द्विअर्थी’’ टिप्पणी करने और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा।

उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) कार्यकर्ताओं के उनके नीलांकरई स्थित आवास के बाहर जुटने से सुबह अफरातफरी की स्थिति बन गई। इसके बाद द्रमुक ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया और अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की।

द्रमुक के वरिष्ठ नेता पी. के. शेखर बाबू और के. एन. नेहरू भी वहां पहुंचे। पुलिस ने उदयनिधि की पत्नी किरुथिगा और विपक्षी दल के पदाधिकारियों को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी।

उच्च न्यायालय में जमानत याचिका पर सुनवाई से पहले ही उदयनिधि को गिरफ्तार कर लिया गया। सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि तंजावुर पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद विपक्ष के नेता को रिहा कर दिया जाएगा।

द्रमुक नेता उदयनिधि को कावेरी डेल्टा के एक शहर में विरोध मार्च के दौरान कथित रूप से की गई विवादित टिप्पणी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करने, एक महिला की गरिमा को भंग करने संबंधी धारा शामिल हैं।

उदयनिधि की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनकी गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए पूरे राज्य में जबरदस्त प्रदर्शन शुरू कर दिया और ‘सड़कों को जाम’ कर दिया।

इस बीच, पांच अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से पहले आगे की रणनीति तय करने के लिए द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने पार्टी मुख्यालय में एक आपात बैठक बुलाई।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि उदयनिधि की अग्रिम जमानत के लिए मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया गया। वहीं, वरिष्ठ द्रमुक नेता के. एन. नेहरू ने कहा कि उदयनिधि की टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।

तंजावुर पुलिस ने उदयनिधि को चेन्नई के नीलांकरई स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद उदयनिधि ने वहां मौजूद संवाददाताओं से कहा, ‘‘फैसला अदालत करेगी।’’

पुलिस द्वारा ले जाए जाने से पहले उदयनिधि ने संवाददाताओं से कहा, ‘क्या मैंने (तंजावुर में आयोजित प्रदर्शन में) मुख्यमंत्री के अलावा किसी का नाम लिया था? फिर आपको क्यों लगता है कि यह (उस कारण से) हो रहा है? अदालत को फैसला करने दीजिए।’

उदयनिधि के खिलाफ नौ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, दंगा भड़काने के इरादे से लोगों को उकसाने और आपराधिक धमकी देने जैसी धाराएं शामिल हैं।

सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

पुलिस अधिकारियों ने द्रमुक के शीर्ष नेता उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार करने से पहले उनके परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता मा. सुब्रमण्यम से बातचीत की।

इस दौरान बड़ी संख्या में द्रमुक कार्यकर्ता उदयनिधि के आवास के बाहर एकत्र हो गए और अपने नेता के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करने लगे। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बातचीत जारी रखी।

इस बीच, सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने उदयनिधि की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ अपना विरोध तेज करते हुए मंगलवार को स्थानीय पुलिस और राष्ट्रीय महिला आयोग, दोनों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।

टीवीके की तंजावुर केंद्रीय जिला महिला शाखा की संयोजक एस. बैरवी ने तंजावुर पूर्व थाने में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तीन अगस्त को कावेरी मुद्दे पर विपक्ष के नेता के भाषण के दौरान जब भीड़ ने ‘‘तृषा, तृषा’’ का नारा लगाया, तो उन्होंने अशोभनीय और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उदयनिधि और द्रमुक की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शाखा के पदाधिकारियों ने जानबूझकर महिलाओं का अपमान किया, जिससे अभिनेत्री तथा अन्य महिलाओं को मानसिक पीड़ा पहुंची और सार्वजनिक अशांति फैलाने के उद्देश्य से घटना का दो मिनट 39 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रसारित किया।

उधर, टीवीके के राष्ट्रीय प्रवक्ता पाझा सेल्वाकुमार ने नयी दिल्ली में राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

सत्तारूढ़ दल ने आयोग से उदयनिधि को नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगने और उनसे बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग करने का अनुरोध किया।

इस बीच, उदयनिधि की गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए द्रमुक कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया जबकि डीएमडीके प्रमुख प्रेमलता विजयकांत और अन्नाद्रमुक के उप महासचिव के.पी. मुनुसामी समेत कई राजनीतिक नेताओं ने सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना की।

तमिलनाडु के बिजली मंत्री आर. निर्मल कुमार ने उदयनिधि की सार्वजनिक पद संभालने की मूल पात्रता पर सवाल उठाया। मीडिया को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता द्वारा प्रदर्शित मानसिकता सार्वजनिक पद के लिए ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ है।

द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने टीवीके सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर ‘अहंकार’ का आरोप लगाया और उदयनिधि की गिरफ्तारी में कथित मनमानी की आलोचना की।

स्टालिन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने चेन्नई स्थित उदयनिधि के आवास से उन्हें ‘अहंकारपूर्ण तरीके से’ हिरासत में लिया और आगामी विधानसभा बजट सत्र में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें ‘गैर-जमानती धाराओं के तहत’ तंजावुर ले जाया गया।

उन्होंने दावा किया कि जनता के आक्रोश के बाद सरकार के वकीलों को अदालत में यह कहना पड़ा कि उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने का कोई इरादा नहीं था और इस तरह सरकार ने अदालत में हुई अपनी किरकिरी को ढकने का प्रयास किया।

जहां सत्तारूढ़ टीवीके ने उदयनिधि के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, वहीं मुख्य विपक्षी दल द्रमुक ने उनकी गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किए।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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