यूआईडीएआई के पास बिहार में पेंशन बढ़ोतरी के बाद आधार में जन्मतिथि बदलने से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं
यूआईडीएआई के पास बिहार में पेंशन बढ़ोतरी के बाद आधार में जन्मतिथि बदलने से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं
नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) बिहार में वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा के बाद कितने लोगों ने आधार रिकॉर्ड में अपनी जन्मतिथि बदली, इस संबंध में सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के जरिए मांगी गई जानकारी में पता चला है कि आधार प्राधिकरण ने ऐसे बदलावों का अलग से कोई आंकड़ा नहीं रखा है।
जून 2025 में कुमार ने घोषणा की थी कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत बुजुर्ग नागरिकों, दिव्यांगों और विधवाओं को दी जाने वाली मासिक पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर जुलाई 2025 से 1,100 रुपये कर दी जाएगी।
आरटीआई आवेदक ने बिहार में उन आधार धारकों की कुल संख्या मांगी थी, जिन्होंने पेंशन बढ़ोतरी की घोषणा के बाद अपनी जन्मतिथि में बदलाव कराया। इसके साथ ही उसने ऐसे बदलावों का महीनेवार और जिलावार विवरण भी मांगा था।
आवेदक ने यह भी पूछा था कि क्या आधार प्राधिकरण ने पेंशन राशि में संशोधन के बाद जन्मतिथि में बदलाव के असामान्य मामलों की पहचान के लिए कोई आंतरिक समीक्षा की या किसी तरह की सतर्कता बरती।
आधार प्रणाली का संचालन करने वाले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शुरुआत में कहा था कि मांगी गई जानकारी आरटीआई कानून के दायरे में उपलब्ध नहीं है।
हालांकि, पहली अपील में प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि जन्मतिथि में बदलाव की संख्या और उसके विवरण से जुड़े सवालों के लिए ‘‘ऐसी कोई जानकारी’’ उपलब्ध नहीं है। वहीं, आंतरिक समीक्षा से जुड़े सवाल को ‘‘लागू नहीं’’ बताया गया।
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान यूआईडीएआई ने कहा कि वह ऐसे आधार धारकों का अलग से कोई रिकॉर्ड नहीं रखता, जिन्होंने पेंशन बढ़ोतरी की घोषणा के बाद अपनी जन्मतिथि में बदलाव कराया हो।
प्राधिकरण ने यह भी कहा कि ऐसे बदलावों का महीनेवार या जिलावार कोई संकलित विवरण उपलब्ध नहीं है।
भाषा शफीक रंजन
रंजन

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