भूमिगत तल का अनधिकृत उपयोग : एमसीडी अधिकारियों पर 20,000 रुपये का जुर्माना

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भूमिगत तल का अनधिकृत उपयोग : एमसीडी अधिकारियों पर 20,000 रुपये का जुर्माना

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 06:56 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 06:56 PM IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने शास्त्री नगर में भूमिगत तल के कथित अनधिकृत उपयोग से जुड़े एक मामले में एमसीडी के दो अधिकारियों पर ‘भ्रामक और गलत’ आरटीआई जवाब का हवाला देते हुए कुल 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

आवेदक ने कहा कि बार-बार यह बताते हुए कि मांगी गई जानकारी एक विशिष्ट पते से संबंधित है, जहां भूमिगत तल का कथित दुरुपयोग किया जा रहा है, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने किसी अन्य संपत्ति के बारे में जवाब दिया।

अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए सीआईसी ने कहा कि आरटीआई याचिका का निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं दिया गया, जो आरटीआई अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।

तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) पर निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई उत्तर न देने के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि वर्तमान पीआईओ पर गलत और भ्रामक जानकारी देने और आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

सीआईसी ने पाया कि नगर निकाय द्वारा दिए गए उत्तर में एक अलग संपत्ति का उल्लेख था, जबकि अपीलकर्ता ने बार-बार इस विसंगति को उजागर करते हुए आपत्ति जताई थी।

आयोग ने एमसीडी को संबंधित अधिकारियों के वेतन से जुर्माने की राशि वसूलने और निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान का प्रमाण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

इसके अलावा, आयोग ने वर्तमान पीआईओ को संबंधित संपत्ति के संबंध में संशोधित, पूर्ण और सही उत्तर प्रदान करने और तीन सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

प्रथम अपीलीय प्राधिकारी को अनुपालन सुनिश्चित करने और छह सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट को रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए कहा गया है।

भाषा अविनाश माधव

माधव