पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर, उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश

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पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर, उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश

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  • Publish Date - April 8, 2026 / 12:32 AM IST,
    Updated On - April 8, 2026 / 12:32 AM IST

चंडीगढ़/दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मंगलवार को उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में भूस्खलन और हिमस्खलन की घटनाएं भी सामने आईं।

पंजाब और हरियाणा की साझा राजधानी चंडीगढ़ में दिन भर हल्की बारिश हुई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग पांच डिग्री कम है।

हरियाणा के अंबाला, पंचकुला, नरनौल और रोहतक तथा पंजाब के अमृतसर, रूपनगर, मोहाली, पटियाला, पठानकोट और लुधियाना में भी बारिश हुई।

लुधियाना में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नौ डिग्री कम है, जबकि पटियाला में अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से सात डिग्री कम है।

पठानकोट में अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस और होशियारपुर में 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पिछले दो हफ्तों में कई बार बारिश झेल चुकी दिल्ली में आज एक बार फिर बारिश हुई, जिससे लगातार बढ़ते तापमान से राहत मिली।

मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के साथ-साथ हवा की दिशा में परिवर्तन के कारण हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बुधवार को भी राष्ट्रीय राजधानी के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।

आईएमडी ने मंगलवार और बुधवार के लिए आसमान में गरज-चमक और बारिश को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था।

मंगलवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे से दोपहर ढाई बजे के बीच सफदरजंग में 1.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि लोधी रोड पर भी 1.8 मिलीमीटर बारिश हुई। आयानगर में 1.6 मिलीमीटर, पालम में 1.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पीतमपुरा, पूसा, मयूर विहार और जनकपुरी में 1-1 मिलीमीटर, जबकि रिज क्षेत्र में 0.3 मिलीमीटर वर्षा हुई।

आईएमडी के मुताबिक, इससे पहले सुबह आठ बजे से 11:30 बजे के बीच सफदरजंग और रिज में केवल नाममात्र की वर्षा हुई, जबकि पालम में इस अवधि के दौरान 0.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक है।

राजस्थान में जोधपुर जिले के फलोदी में सबसे अधिक 42.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, लगातार बारिश और बादल छाए रहने से पूरे राज्य में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। मंगलवार सुबह समाप्त हुई चौबीस घंटे की अवधि के दौरान चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस और नागौर में न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम केंद्र के मुताबिक, बुधवार को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश ने लखनऊ समेत कई क्षेत्रों को प्रभावित किया।

राजधानी लखनऊ में बादल छाए रहे, बिजली चमकी और हल्की बारिश हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में भी ऐसा ही मौसम रहा।

विभाग के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के आगरा तक कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

इस बीच, भारी बारिश के कारण जम्मू क्षेत्र में शीतलहर जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे दिन का तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर गया। इसके अतिरिक्त, रामबन जिले में भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करना पड़ा।

आईएमडी ने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने 36 घंटों से इस क्षेत्र को प्रभावित किया है, जिससे व्यापक वर्षा, तापमान में भारी गिरावट और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

आईएमडी के मुताबिक, जम्मू शहर में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.2 डिग्री सेल्सियस कम है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण तापमान में काफी गिरावट आई है।

आईएमडी के अनुसार, कटरा में अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 6.7 डिग्री कम) और बनिहाल में 17.1 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 3.2 डिग्री कम) रहा।

जम्मू संभाग में भारी बारिश हुई, जहां कटरा में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच सबसे अधिक 7.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, इसके बाद जम्मू में 5.8 मिलीमीटर, भदरवाह में 3.0 मिलीमीटर और बटोटे में 2.4 मिलीमीटर बारिश हुई।

जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया, ‘अगले 24 घंटों में गांदरबल और कुपवाड़ा में 2,600 मीटर से अधिक ऊंचाई पर हिमस्खलन होने की आशंका है।’

इसी तरह, हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश ने राज्य के ऊपरी इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जहां चंबा और लाहौल एवं स्पीति जिलों की सीमा पर भूस्खलन की एक बड़ी घटना घटी है।

भाषा

राखी पारुल

पारुल